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बारिश की किचकिच और बिजली की लुकाछिपी से परेशान हैं शहरवासी

शहर में मानसून पूर्व बिजली विभाग ने मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का दावा किया था लेकिन मानसून शुरू होते ही विभाग के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 12, 2018, 02:20 AM IST

बारिश की किचकिच और बिजली की लुकाछिपी से परेशान हैं शहरवासी
शहर में मानसून पूर्व बिजली विभाग ने मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का दावा किया था लेकिन मानसून शुरू होते ही विभाग के सारे दावों की पोल खुलने लगी। हालत यह है कि हल्की सी भी हवा चली और पानी आया तो ब्रेक डाउन होना निश्चित है। विगत पंद्रह दिनों की स्थिति इतनी बुरी है कि लोग परेशान हो चुके है उन्हें समझ नहीं आता कि मानसून शुरू होने से पूर्व जो दावा किया गया था उसका क्या हुआ। मानसून शुरू होने के बाद डीबी स्टार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया तो पता चला कि कई जगहों पर अब भी तार पेड़ की टहनियों से सट रहे है और कई जगह पर स्पार्क होते हैं। जिससे खतरा हो सकता है। इन जगहों को देखने से ही लगने लगता है कि विभाग ने सिर्फ झूठा दावा किया था। चाहे वह सब-स्टेशन हो या फिर एलटी तार हो हर जगह झाड़, और लतर छाए हुए है।

हीरापुर सब-स्टेशन- यहां की स्थिति देखते बनती है सब-स्टेशन देखने से ऐसा लग रहा है कि जैसे वह पर्यावरण संरक्षण का नारा दे रहा हो। सब-स्टेशन में ही चारों ओर पेड़ों की टहनियां और लतर फैले हुए है और तारों पर चले गए है। ट्रांसफॉर्मर तक पर ये लतर चढ़े हुए है। जबकि विभाग के कई कर्मचारी पास में ही रहते हैं। लेकिन सब-स्टेशन की सफाई नहीं हुई है। ऐसे में इन कर्मचारियों को भी खतरा है। बारिश शुरू होने पर यहां कई बार चिंगारी निकलते लोगों ने देखा है। एसएसएलएनटी कॉलेज के सामने- यहां भी ट्रांसफॉर्मर के उपर हरे-भेर झाड़ चढ़े हुए है जो खतरा बन सकते है। इसकी भी सफाई होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मानसून पूर्व इसकी सफाई होती तो ये लतर वहां नहीं चढ़ते। बारिश शुरू होने के बाद वे तेजी से बढ़ रहे हैं।

विवेकानंद चौक हीरापुर- यहां पर लगा ट्रांसफॉर्मर खतरनाक हो चुका है। हरियाली ऐसी फैली है कि ट्रांसफार्मर को ही अपने आगोश में ले लिया है। ऐसे में कोई कर्मचारी यदि मेंटेनेंस कार्य करने के लिए भी जाता है तो वे भी खतरे की चपेट में आ सकते हैं।

कई जगहों पर पेड़ों के बीच से गुजरे है हाइटेंशन तार- शहर में कई जगहों पर हाइटेंशन तार और एलटी तार पेड़ के बीच से गुजरे हुए है। पेड़ की टहनियां और पत्ते इन तारों के संपर्क में आ गए है और बारिश होने के बाद कई जगहों पर जोरदार फ्लैशिंग होती है। इससे तार टूटकर गिरने का खतरा रहता हैँ।

अजय कुमार तिवारी. धनबाद

शहर में मानसून पूर्व बिजली विभाग ने मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का दावा किया था लेकिन मानसून शुरू होते ही विभाग के सारे दावों की पोल खुलने लगी। हालत यह है कि हल्की सी भी हवा चली और पानी आया तो ब्रेक डाउन होना निश्चित है। विगत पंद्रह दिनों की स्थिति इतनी बुरी है कि लोग परेशान हो चुके है उन्हें समझ नहीं आता कि मानसून शुरू होने से पूर्व जो दावा किया गया था उसका क्या हुआ। मानसून शुरू होने के बाद डीबी स्टार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया तो पता चला कि कई जगहों पर अब भी तार पेड़ की टहनियों से सट रहे है और कई जगह पर स्पार्क होते हैं। जिससे खतरा हो सकता है। इन जगहों को देखने से ही लगने लगता है कि विभाग ने सिर्फ झूठा दावा किया था। चाहे वह सब-स्टेशन हो या फिर एलटी तार हो हर जगह झाड़, और लतर छाए हुए है।

हीरापुर सब-स्टेशन- यहां की स्थिति देखते बनती है सब-स्टेशन देखने से ऐसा लग रहा है कि जैसे वह पर्यावरण संरक्षण का नारा दे रहा हो। सब-स्टेशन में ही चारों ओर पेड़ों की टहनियां और लतर फैले हुए है और तारों पर चले गए है। ट्रांसफॉर्मर तक पर ये लतर चढ़े हुए है। जबकि विभाग के कई कर्मचारी पास में ही रहते हैं। लेकिन सब-स्टेशन की सफाई नहीं हुई है। ऐसे में इन कर्मचारियों को भी खतरा है। बारिश शुरू होने पर यहां कई बार चिंगारी निकलते लोगों ने देखा है। एसएसएलएनटी कॉलेज के सामने- यहां भी ट्रांसफॉर्मर के उपर हरे-भेर झाड़ चढ़े हुए है जो खतरा बन सकते है। इसकी भी सफाई होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मानसून पूर्व इसकी सफाई होती तो ये लतर वहां नहीं चढ़ते। बारिश शुरू होने के बाद वे तेजी से बढ़ रहे हैं।

विवेकानंद चौक हीरापुर- यहां पर लगा ट्रांसफॉर्मर खतरनाक हो चुका है। हरियाली ऐसी फैली है कि ट्रांसफार्मर को ही अपने आगोश में ले लिया है। ऐसे में कोई कर्मचारी यदि मेंटेनेंस कार्य करने के लिए भी जाता है तो वे भी खतरे की चपेट में आ सकते हैं।

कई जगहों पर पेड़ों के बीच से गुजरे है हाइटेंशन तार- शहर में कई जगहों पर हाइटेंशन तार और एलटी तार पेड़ के बीच से गुजरे हुए है। पेड़ की टहनियां और पत्ते इन तारों के संपर्क में आ गए है और बारिश होने के बाद कई जगहों पर जोरदार फ्लैशिंग होती है। इससे तार टूटकर गिरने का खतरा रहता हैँ।

बारिश शुरू होते ही बढ़ जाती है परेशानी

...हकीकत यह कि पेड़ों की डालियां सट रही हैं तारों से, आंधी-पानी आते ही हो जाता है ब्रेकडाउन

जैसे ही बारिश शुरू होती है या आंधी आती है लोग समझ जाते है कि उनकी परेशानी शुरू होने वाली है। कहीं ना कहीं फॉल्ट होना निश्चित है। ऐसे में घंटों लाईन बाधित रहती है। बारिश के दौरान मरम्मत कार्य भी नहीं हो पाता है ऐसे में बारिश बंद होने का इंतजार करना पड़ता है। विभाग लाख दावे कर ले लेकिन यहां सच्चाई यही है कि बिजली की चरमराई व्यवस्था से रोजाना लोग हलकान हो रहे हैं।

फोटो-अमित कुमार।

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