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65 हजार बच्चों को पहले चरण में सेंट्रलाइज किचन से एमडीएम

धनबाद के दुहाटांड़ में जिला प्रशासन ने आवंटित की एक एकड़ जमीन अनामृता इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन तैयार करेगा...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:55 AM IST
धनबाद के दुहाटांड़ में जिला प्रशासन ने आवंटित की एक एकड़ जमीन

अनामृता इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन तैयार करेगा किचन

एजुकेशन रिपोर्टर | धनबाद

सबकुछ ठीक-ठाक रहा, तो जल्द ही जिले के स्कूलों के बच्चों को एमडीएम के रूप में मिलने वाला भोजन सेंट्रलाइज किचन से उपलब्ध कराया जाएगा। यानी तब एमडीएम का निर्माण विद्यालय स्तर पर नहीं किया जाएगा। 22 मार्च को हुई झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया था। धनबाद में केंद्रीकृत किचन के लिए अनामृता इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन ने प्रस्ताव दिया है। राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने उसे अधिकृत भी कर दिया गया है। इसके लिए धनबाद प्रखंड के दुहाटांड़ में एक एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है। सेंट्रलाइज किचन का संचालन विभिन्न कंपनियों की ओर से जिला प्रशासन को दिए जानेवाले सीएसआर फंड से किया जाएगा। जिले में अभी 1832 स्कूल हैं, जहां एमडीएम योजना चल रही है। इन स्कूलों में करीब 3.5 लाख बच्चे नामांकित हैं, जिनमें से करीब 2.5 लाख औसतन रोजाना स्कूल आते हैं और मध्याह्न भोजन खाते हैं। पहले चरण में 641 स्कूलों के 65 हजार बच्चों को सेंट्रलाइज चिकन से एमडीएम पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ये स्कूल धनबाद, झरिया, बलियापुर और तोपचांची प्रखंडों-अंचलों में हैं।

जानिए कहां कितने बच्चों को मिलेगा सेंट्रलाइज किचन का लाभ

प्रखंड विद्यालय छात्र

धनबाद 174 20299

झरिया 117 16396

बलियापुर 169 12795

तोपचांची 171 15562

ईंधन बचाने के लिए स्कूलों को बड़ा कुकर इस्तेमाल करने का निर्देश

ईंधन बचाने के लिए स्कूलों को बड़े कुकर खदीदने को कहा गया है। प्राधिकरण ने कहा है कि स्कूल अपने यहां नामांकित बच्चों की संख्या के आधार पर कुुकर की खरीदारी कर सकते हैं।

स्कूल के आसपास रहनेवालों से लिया जाएगा फीडबैक

झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण हर स्कूल के पोषक क्षेत्र में रहने वाले 5 व्यक्तियों के नाम, मोबाइल नंबर आदि का रिकॉर्ड रखेगा। उनसे समय-समय पर स्कूल में संचालित एमडीएम योजना के बारे में फीडबैक लिया जाएगा।