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ग्रेड 4 के 421 पदों में एक को भी प्रोन्नति नहीं

प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों को मिली प्रोन्नति की जांच होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं किसी कनीय शिक्षक को...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:55 AM IST
प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों को मिली प्रोन्नति की जांच होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं किसी कनीय शिक्षक को प्रोन्नति नहीं मिल गई और वरीय शिक्षक बिना प्रोन्नति के रह गए। प्राथमिक शिक्षा निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया ने सभी जिलों में पांच बिंदुओं पर जांच का निर्देश दिया है और 23 अप्रैल तक मामले में रिपोर्ट मांगी है। हालांकि धनबाद जिले में किसी भी शिक्षक को प्रोन्नति मिली ही नहीं है। यहां पर ग्रेड चार में प्रोन्नति के लिए 421 पद हैं, लेकिन प्रोन्नति एक भी शिक्षक को अबतक नहीं मिली है। जिले में पहली से पांचवीं कक्षा (इंटर प्रशिक्षित) तक के कुल 3884 पदों में 2426 शिक्षक ही अभी कार्यरत हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा (स्नातक प्रशिक्षित) तक के कुल 711 पदों में 256 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इस तरह पहली से आठवीं कक्षा के कुल 4595 पदों में 2682 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं और 1913 पद रिक्त हैं।

ग्रेड दो में 1227 को प्रोन्नति :

ग्रेड दो में कोई पद स्वीकृत नहीं होते हैं। नियम है कि ग्रेड एक में अपने संवर्ग में 12 वर्ष कार्यकाल पूरा करने वाले शिक्षकों को ही ग्रेड दो में प्रोन्नति मिलती है। इसके तहत धनबाद जिले में 1227 को प्रोन्नति मिली है। इसी तरह ग्रेड तीन के लिए कोई पद स्वीकृत नहीं होते हैं। प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत अहर्ताधारी शिक्षकों को ग्रेड तीन में प्रोन्नति मिलती है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री चौरसिया ने स्पष्ट किया है कि किसी हालत में 20 प्रतिशत से अधिक शिक्षक इस ग्रेड में प्रोन्नत नहीं हों। ग्रेड तीन और उसके ऊपर के ग्रेड में नई प्रोन्नति का लाभ योगदान की तिथि से मिलेगा। किसी हालत में भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति नहीं दी जाएगी। यह भी पूछा गया है कि ग्रेड चार में किस वर्ष के नियुक्त शिक्षकों को प्रोन्नति दी गई।

2088 शिक्षकों को मिलनी है प्रोन्नति :

जिले के 2088 शिक्षकों को प्रोन्नति मिली है, लेकिन अब तक 718 को ग्रेड एक और 1227 को ग्रेड दो में प्रोन्नति दी गई है। ग्रेड तीन से सात तक प्रोन्नति लंबित है। ग्रेड चार में प्रोन्नति के लिए डीएसई ने साक्षात्कार के लिए आदेश जारी किया था, लेकिन शिक्षक संगठनों उपायुक्त को ज्ञापन देकर कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद उपायुक्त ने साक्षात्कार स्थगित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से प्रोन्नति प्रक्रिया रुक गई। साथ ही आपत्ति वाले बिंदुओं पर डीएसई ने राज्य से मार्गदर्शन मांगा था।

एजुकेशन रिपोर्टर | धनबाद

प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों को मिली प्रोन्नति की जांच होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं किसी कनीय शिक्षक को प्रोन्नति नहीं मिल गई और वरीय शिक्षक बिना प्रोन्नति के रह गए। प्राथमिक शिक्षा निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया ने सभी जिलों में पांच बिंदुओं पर जांच का निर्देश दिया है और 23 अप्रैल तक मामले में रिपोर्ट मांगी है। हालांकि धनबाद जिले में किसी भी शिक्षक को प्रोन्नति मिली ही नहीं है। यहां पर ग्रेड चार में प्रोन्नति के लिए 421 पद हैं, लेकिन प्रोन्नति एक भी शिक्षक को अबतक नहीं मिली है। जिले में पहली से पांचवीं कक्षा (इंटर प्रशिक्षित) तक के कुल 3884 पदों में 2426 शिक्षक ही अभी कार्यरत हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा (स्नातक प्रशिक्षित) तक के कुल 711 पदों में 256 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इस तरह पहली से आठवीं कक्षा के कुल 4595 पदों में 2682 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं और 1913 पद रिक्त हैं।

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