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अगले 2 वर्षों में शुरू कर देंगे उत्पादन : सीएमडी

बीसीसीएल ने हाल ही में बिहार के भागलपुर तथा बांका और उससे सटे झारखंड के इलाकों में आवंटित चार नए कोल ब्लाकों को...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:55 AM IST
बीसीसीएल ने हाल ही में बिहार के भागलपुर तथा बांका और उससे सटे झारखंड के इलाकों में आवंटित चार नए कोल ब्लाकों को चालू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इस सिलसिले में कंपनी ने राजमहल में बेस कैंप स्थापित किया है। सीएमडी अजय कुमार सिंह ने इस बारे में सोमवार को बातचीत के दौरान बताया कि नए कोल ब्लाॅकों से अगले दो साल में उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। राज्य सरकार की मदद से स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने का काम जारी है। सीएमडी ने कहा कि नए कोल ब्लाॅकों से 50 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया जाएगा। उन ब्लॉकों में जी 10 और 11 का कोयले का भंडार है, जिनकी आपूर्ति पावर प्लांटों को की जाएगी। कंपनी की टीम दो बार उन इलाकों का जायजा ले चुकी है। इस टीम में सीएमपीडीआई के पदाधिकारी भी शामिल थे। चार कोल ब्लाॅक में से दो बिहार और दो झारखंड में हैं। सबसे अधिक कोयले का भंडार मिर्जागांव में है। इन चार ब्लॉकों के एवज में बीसीसीएल ने कोयला मंत्रालय को 500 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। सीएमपीडीआईएल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।

प्रशासन के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने का काम जारी

धनबाद-चंद्रपुरा लाइन बंद होने से हुआ घाटा

सीएमडी ने कहा कि धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन बंद होने से सबसे अधिक घाटा बीसीसीएल को हुआ। कंपनी की 9 रेल साइडिंग बंद हो गईं, जिससे लक्ष्य को पूरा करने में दिक्कतें आईं। इसके बावजूद घाटे को कम करने का प्रयास किया गया। आज 30 रैक कोयले की ढुलाई होती है। आने वाले दिनों में नए मिले चार ब्लॉक कंपनी के लिए वरदान साबित होंगे। कम-से-कम 50 मिलियन टन कोयले का उत्पादन होगा। अभी 40 मिलियन टन उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं।