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जिले के 485 स्टूडेंट को मिला जेईई एडवांस का टिकट

जिले के 485 स्टूडेंट ने सीबीएसई की ओर से आयोजित जेईई मेन में सफलता हासिल कर जेईई एडवांस का टिकट कटा लिया। रिजल्ट...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 02:55 AM IST

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    जिले के 485 स्टूडेंट ने सीबीएसई की ओर से आयोजित जेईई मेन में सफलता हासिल कर जेईई एडवांस का टिकट कटा लिया। रिजल्ट सोमवार को जारी किया गया। इस टेस्ट में जिले के करीब 5300 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। सफल छात्रों में आईएसएल भूली के प्रीतम कुमार 786वीं रैंक के साथ जिले में पहले स्थान पर हैं। वहीं, दिल्ली पब्लिक स्कूल के आयुष कुमार 1195वीं रैंक के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दिल्ली पब्लिक स्कूल के ही अभिषेक शुक्ला 1654वीं रैंक के साथ तीसरे स्थान पर अाए। दिल्ली पब्लिक स्कूल और डीएवी कोयलानगर के छात्र-छात्राओं ने जेईई मेन में शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों स्कूलों के करीब 30-30 छात्रों को सफलता मिली है। संत जेवियर्स इंटरनेशनल, राजकमल धनबाद, धनबाद पब्लिक स्कूल, डिनोबिली सीएमआरआई, कार्मेल स्कूल धनबाद के छात्र-छात्राओं ने भी सफलता हासिल की है।

    सामान्य छात्र-छात्राओं का कटऑफ मार्क्स है 74

    जेईई मेन में सफल रहनेवाले देशभर के 2,31,024 छात्र-छात्राओं को जेईई एडवांस का टिकट मिला है। जेईई एडवांस में शामिल होने के लिए सामान्य छात्र-छात्राओं का कटऑफ मार्क्स 74, ओबीसी के लिए 45, एससी के लिए 29, एसटी के लिए 24 और नि:शक्तों के लिए -35 है।

    सेल्फ स्टडी और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने दिलाई सफलता

    प्रीतम को मिठाई खिलातीं उसकी मां।

    धनबाद | डीएस कॉलोनी के विजया एनक्लेव में रहने वाले प्रीतम कुमार को जेईई मेन की परीक्षा में 786 रैंक आई हैं। इससे पहले वे किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में 599 ऑल इंडिया रैंक के साथ सफल रहे थे। इसके अलावा गणित और विज्ञान ओलिंपियाड में स्टेट रैंक पाने में कामयाब रहे हैं। प्रीतम बताते हैं कि उन्हें सफलता सेल्फ स्टडी और टीचर्स के मार्गदर्शन से मिली है। टीचर भी समस्या का हल बताने के साथ-साथ सेल्फ स्टडी पर फोकस करने के लिए प्रेरित करते थे। गणित में बीपी सिंह सर और भौतिकी में रोहित सर के टिप्स बहुत काम आए। अौसतन छह से सात घंटे पढ़ाई की। अब एडवांस की तैयारी पर फोकस करना है। एडवांस का रैंक ही संस्थान और ब्रांच तय करेगा। पिता सुनील कुमार अग्रवाल सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और माता सबिता अग्रवाल गृहिणी हैं। प्रीतम आईएसएल भूली के छात्र हैं। दसवीं तक पढ़ाई डीएवी कोयलानगर से की थी और दसवीं में वे 10 सीजीपीए से सफल रहे थे। प्रीतम अपनी सफलता का श्रेय अपने पैरेंट्स, टीचर्स और भैया को देते हैं।

    देश के बेहतीन आईआईटी में नामांकन कराना है लक्ष्य

    बेटे आयुष कुमार की सफलता की खुशी मनाते उसके माता-पिता।

    धनबाद | जेईई मेन में दिल्ली पब्लिक स्कूल के आयुष कुमार को 1195वीं रैंक मिली है। आयुष जेईई मेन में 360 में 258 अंक लाकर जिले में दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने बताया कि देश के किसी बेहतर आईआईटी में नामांकन कराना उनका लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने तैयारी अभी से ही शुरू कर दिया है। आयुष ने बताया कि 12वीं की परीक्षा वे दिल्ली पब्लिक स्कूल से दिया है। वहीं 10वीं में उन्हें 10 सीजीपीए मिला था। आयुष ने बताया कि जेईई मेन की तैयारी के वक्त उन पर पढ़ाई का कोई भूत सवार नहीं था। प्रति दिन 7 से 8 घंटे की पढ़ाई से ही उन्हें सफलता मिली है। हालांकि जेईई एडवांस की तैयारी के लिए वे कड़ी मेहनत करना शुरू कर दिया है। आयुष ने बताया कि वर्ष 2015 में उनकी बड़ी बहन आकांक्षा प्रिया ने कलिंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन करवाया था। इससे बाद आयुष भी इंजीनियरिंग करने का मन बनाया। आयुष के पिता देवेंद्र कुमार अधिवक्ता है। वहीं मां सीमा कुमारी एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में प्रोफेसर है। आयुष ने बताया कि वे वर्तमान में वाह्टसएप में एक्टिव है। वॉलीबॉल खेलना भी पसंद है।

    हर दिन प्लान बनाकर तैयारी करने से मिली है कामयाबी

    अभिषेक शुक्ला का मुंह मीठा करातीं उसकी दीदी।

    धनबाद | जेईई मेन 2018 में दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र अभिषेक शुक्ला को 1654 रैंक मिले हैं। उन्हें 247 अंक मिले हैं और वे बनना चाहते हैं। इससे पहले अभिषेक नेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन के फाइनल में सफल रहे थे, जिसके लिए उन्हें छात्रवृत्ति मिलती है। किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में भी अभिषेक का चयन हो चुका है। दसवीं कक्षा में अभिषेक को दस सीजीपीए अंक मिले थे। पिता डीके शुक्ला सीपीडब्ल्यूडी में जमशेदपुर में सहायक अभियंता हैं। माता रुबी शुक्ला गृहिणी हैं। अभिषेक की दो बड़ी बहनें हैं और वे भी मेधावी रहीं हैं। बड़ी बहन कल्पना शुक्ला एनआईटी जमशेदपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने बाद बेंगलुरु में कार्यरत हैं। दूसरी बड़ी बहन पूजा शुक्ला बीआईटी मेसरा से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग से बीटेक कर हैदराबाद में कार्यरत हैं। अभिषेक हाउसिंग कॉलोनी में रहते हैं। वे इलेक्ट्रिकल या मेकेनिकल से बीटेक करना चाहते हैं और रिसर्च फील्ड में देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। अभिषेक अपनी सफलता का श्रेय अपने पैरेंट्स, दोनों बहनों और टीचर्स को देते हैं।

    बीटेक कर अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू करने की है इच्छा

    अपने माता-पिता के साथ सैारभ गोयल।

    धनबाद | दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र सौरभ गोयल 1829 रैंक के साथ जेईई मेन 2018 की परीक्षा में सफल रहे हैं। परिवार मिट्ठू रोड, बैंक मोड़ में रहता है। पिता किशन कुमार गोयल कोयला व्यवसायी और माता संगीता गोयल गृहिणी हैं। सौरभ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता और शिक्षकों को दिया है। बताते हैं कि फिजिक्स के डाउट पिताजी ने क्लियर किए थे, मां उतना मेरे खाने का ख्याल रखतीं थीं। इससे पहले सौरभ किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में सफल रहे थे। 10वीं में रीजनल मैथेमेटिक्स ओलिंपियाड में केवल वे ही सफल रहे थे और 11वीं में भी सफलता मिली थी। इसके अलावा नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन ऑफ फिजिक्स में वे क्वालिफाई हुए थे। भौतिकी में नेशनल टॉप एक प्रतिशत और रसायनशास्त्र में स्टेट टॉप एक प्रतिशत विद्यार्थियों में चुने गए थे। सौरभ को 10वीं में 10 सीजीपीए मिले थे। बहन सुरभि ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी है। सौरभ कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं और भविष्य में खुद की सॉफ्टवेयर कंपनी खोलना चाहते हैं।

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