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पिता गिड़गिड़ाता रहा पर आॅटो चालक बेटी को छेड़ते रहे, दो गिरफ्तार, 2 भागे

भास्कर न्यूज|भगतडीह/लाेयाबाद जमुई से शनिवार की देर रात अपने रिश्तेदार से मिलने धनबाद पहुंची एक महिला और उसके...

Danik Bhaskar | Jul 09, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर न्यूज|भगतडीह/लाेयाबाद

जमुई से शनिवार की देर रात अपने रिश्तेदार से मिलने धनबाद पहुंची एक महिला और उसके पिता अपराधियों के चंगुल से बच गए। सीता देवी (काल्पनिक नाम) ने हिम्मत दिखाते हुए न सिर्फ अपनी अस्मत बचाई, बल्कि अपने 75 साल के पिता को भी अगवा होने से बचा लिया। घटना रात 1:30 बजे की है। पिता और बेटी ट्रेन से धनबाद पहुंचे। जंक्शन के बाहर एक ऑटो चालक से उन्होंने सेंद्रा-बांसजोड़ा का भाड़ा पूछा। चालक ने भाड़ा बताया और चलने को तैयार हो गया। सीता के अनुसार ऑटो जैसे ही आगे बढ़ा, एक साथी आगे की सीट पर आकर बैठ गया। रांगाटांड़ के पास चालक ने ऑटो रोक दिया। दो अन्य लोग पीछे की सीट पर बैठ गए। ऑटो केंदुआ मोड़ पहुंचा तो उसने रास्ता बदल दिया। वह सेंद्रा-बांसजोड़ा जाने की जगह झरिया की ओर चल पड़ा। सीता ने चालक से रास्ता बदलने का कारण पूछा तो उसने ऑटो की गति बढ़ा दी और पीछे बैठे लोगों को झरिया छोड़ने के बाद उन्हें सेंद्रा पहुंचाने की बात कही। शक होने पर पुत्री ने अपने रिश्तेदार को फोन करना चाहा। पर पीछे बैठे दो युवकों ने मोबाइल झपट लिया और चाकू भिड़ा दिया। पिता को चाकू की नोक पर लेकर पीछे बैठे युवक छेड़छाड़ करने लगे। वृद्ध पिता बेटी की अस्मत बचाने के लिए गिड़गिड़ाने लगा। पर न तो ऑटो रुका और न ही छेड़छाड़...। युवक सुनसान जगह की ओर ऑटो ले जाना चाहते थे। जैसे ही ऑटो भालगढ़ पहुंचा, बेटी चीख पड़ी। संयोग अच्छा था, बेटी चीख जखराज बाबा मंदिर परिसर में हरिकीर्तन कर रहे लोगों ने सुन ली। लोगों ने ऑटो को रोक दिया। पीछे बैठे दोनों अपराधी फरार हो गए, जबकि चालक और आगे बैठा युवक पकड़ा गया। बेटी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

भालगढ़ा में तेज रफ्तार में दौड़ता रहा ऑटो. पिता की गर्दन पर युवकों ने रखा चाकू, बेटी की चीख से जुटे लोगों ने बचाया

पुलिस गिरफ्त में ऑटो चालक और उसका एक साथी।

सबसे बड़ा सवाल

कहां थी गश्ती टीम?

फरार बाबला क्षेत्र का बड़ा अपराधी

पकड़ा गया युवक विक्की राम ऑटो का चालक और मालिक स्वयं है। वह झरिया बालू गद्दा का निवासी है। कोयला तस्करी में इसका नाम है। वहीं, फरार बाबला का इतिहास दागी है। झरिया थाने का आरोपी है। फरार दूसरा अपराधी तरुण भी कई बार पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।

सड़क पर सुरक्षा क्या है...? कहां है टाइगर और कहां है गश्ती टीम...? इस घटना ने ऐसे कई सवाल खड़े किए हैं। आधा घंटा तक सड़क पर अपराधी मनमर्जी करते रहे, कहां थी शहर की गश्ती टीम?

वो गुस्सा... धनबाद के बारे में जो सुना था, उससे भी खराब निकला

पिता नाराज हैं। धनबाद की सुरक्षा व्यवस्था से गुस्से में हैं। उन्होंने कहा कि धनबाद के बारे में बहुत कुछ सुना था। पर विश्वास नहीं हुआ। यहां आए तो जो सुना था, उससे भी खराब स्थिति पायी। किसी भी शहर में मेहमान के साथ ऐसा नहीं होता होगा। ऑटो चालक और उसके साथियों के अंदर कानून व्यवस्था का डर नहीं था।

वो दर्द... लगा कि इस शहर में न जान बचेगी और न ही इज्जत

बेटी हिम्मती है। उसने हिम्मत से स्वयं की इज्जत तो बचाई ही अपने पिता की भी जान बचाई। वह कहती है कि यहां इलाज कराने आयी थी। लगता था कि धनबाद में इलाज मिल जाएगा और दर्द कम हो जाएगा। पर रात में जो कुछ उनके साथ हुआ, उसने हैरान कर दिया। उन्हें लगा कि इस शहर में न जान बचेगी और न ही इज्जत।

न ऑटो में नंबर और न ही रूट चार्ट

ऑटो चालक और उसके साथियों का इरादा घटना को अंजाम देना था। उन्होंने ऑटो में नंबर नहीं लगाया था। रूट चार्ट भी नहीं था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बेटी के बयान पर दुष्कर्म, लूटपाट कर हत्या के नीयत से अपहरण करने का मामला दर्ज किया गया है।