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योगिनी एकादशी व्रत आज, व्रत को रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी व्रत सोमवार को पड़ रहा है। एक साल पड़नेवाले 24 एकादशी व्रत में इस एकादशी का विशेष महत्व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 09, 2018, 02:55 AM IST

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी व्रत सोमवार को पड़ रहा है। एक साल पड़नेवाले 24 एकादशी व्रत में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। पुराणों में आषाढ़ कृष्ण पक्ष के एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी व्रत को रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य कुमार अमित का कहना है कि हिंदू शास्त्रों में एकादशी व्रत रखने का विशेष महत्व माना गया है। एकादशी व्रत रखने वालों को भगवान विष्णु सुख-समृद्धि के साथ सारे रोग और कष्ट से दूर रखते हैं। हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को दो एकादशी व्रत पड़ता है। इस हिसाब से साल भर में 24 एकादशी व्रत हो जाता है। लेकिन, इस वर्ष मलमास होने के कारण कुल 26 एकादशी व्रत का संयोग बना है।

व्रत की मान्यताएं

हेममाली नाम का एक माली था। काम वासना में वह ऐसी गलती कर बैठा कि उसे राजा कुबेर का श्राप मिल गया। वह कुष्ट रोगी होकर इधर-उधर भटकने लगा। लोग उससे घृणा करने लगे। एक बार एक ऋषि ने हेममाली को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी व्रत रखने की सलाह दी और कहा कि उसके सारे कष्ट भगवान विष्णु दूर करेंगे। हेममाली ने एकादशी व्रत रखा। उसे कुष्ट रोग से निजात मिल गई और कुबेर के श्राप से भी मुक्ति मिल गई।

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