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एकांतवास से लौटे भगवान जगन्नाथ, हुआ नेत्र उत्सव रथ पर सवार हो बहन-भाई संग आज जाएंगे मौसी बाड़ी

अषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के एकांतवास से लौटे। धनसार स्थित जगन्नाथ मंदिर के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:55 AM IST

एकांतवास से लौटे भगवान जगन्नाथ, हुआ नेत्र उत्सव 
रथ पर सवार हो बहन-भाई संग आज जाएंगे मौसी बाड़ी
अषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के एकांतवास से लौटे। धनसार स्थित जगन्नाथ मंदिर के पट तड़के 4 बजे खोए गए। सबसे पहले मंदिर कमेटी के आई तिवारी, महेश्वर राउत और श्रीधर नायक ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। फिर पुरी से आए पंडा प्रभात कुमार, पंडित चित्तरंजन दास और मंदिर के पुजारी ने नेत्र उत्सव का अनुष्ठान शुरू कराया। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम काे स्नान कराया गया। फिर मंत्रोच्चारण के साथ भगवान काे नेत्र दान किए गए। भगवान का शृंगार किया और विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग चढ़ाए गए। महाआरती की गई। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया। शाम में भगवान की महाआरती हुई और विभिन्न तरह के भोग चढ़ाए गए। इसके बाद भगवान शयन में चले गए। आयोजन में मंदिर कमेटी के कार्यक्रर्ताअें ने अहम योगदान दिया।

धनसार के जगन्नाथ मंदिर में भगवान के पट खुलने के बाद दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु।

रथ यात्रा आज, भगवान करेंगे नगर भ्रमण

परंपरा के अनुसार, अषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया पर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। शहर स्थित धनसार जगन्नाथ मंदिर और हीरापुर हरि मंदिर से शनिवार शाम 4:30 बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। सुबह में धनसार जगन्नाथ मंदिर में विधिविधान से दूध, दही, घी, मध, गंगा जल सहित अन्य चीजों से भगवान जगन्नाथ महाअभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान जगन्नाथ का पवित्र जल से स्नान कराया जाएगा। नया वस्त्र एवं शृंगार किया जाएगा। विधिविधान से पूजा-अर्चना जाएगी। विभिन्न तरह के भोग चढ़ाए जाएंंगे। महाआरती के भगवान का पट् एक घंटा के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद शाम में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को डोली पर बैठाकर मंदिर परिसर में लाया जाएगा। शृंगार एवं आरती के बाद शाम 4:30 बजे भगवान को रथ पर बैठाया जाएगा। रथ की डोर को भक्त खींचते हुए भगवान जगन्नाथ को नगर भ्रमण कराएंगे। भगवान का रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा। वहां भगवान जगन्नाथ का स्वागत किया जाएगा, चरण पखारे जाएंगे। भोग लगाया जाएगा। महाआरती के बाद भगवान शयन कक्ष में विश्राम में चले जाएंगे। सात दिनों तक भगवान मौसीबाड़ी में रहने के बाद 22 जुलाई को भगवान बाहुरा करेंगे।

इन मार्गों से होकर जाएगा भगवान का रथ

धनसार जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा शुरू होकर बैंक मोड़, पुराना बाजार, हावड़ा मोटर, शक्ति मंदिर रोड होते हुए मौसी बाड़ी मंदिर परिसर पहुंचेगी। हीरापुर हरि मंदिर से रथ यात्रा शुरू होकर पार्क मार्केट, ज्ञान मुखर्जी रोड, बिनाेद मार्केट, हरि मंदिर रोड होते हुए हीरापुर हरि मंदिर स्थित मौसी बाड़ी आएगी।

सैकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद

धनसार मंदिर में नेत्र उत्सव पर दिनभर पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भंडारा का भी आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के सैंकड़ों लोगों ने भगवान जगन्नाथ के प्रसाद को ग्रहण किया।

धनसार के जगन्नाथ मंदिर में आखिरी चरणों में है रथ यात्रा की तैयारी।

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