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दैनिक भास्कर खुला मंच कार्यक्रम में राज्यभर से आए लोगों ने शिक्षा मंत्री से पूछे सवाल

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 10, 2018, 03:05 AM IST

  • दैनिक भास्कर खुला मंच कार्यक्रम में राज्यभर से आए लोगों ने शिक्षा मंत्री से पूछे सवाल
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    वर्ष 2016 में आयोजित जे-टेट के सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति कब तक होगी? - राजेश प्रसाद, रांची

    -जे-टेट पास अभ्यर्थियोंं की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी समय नहीं बता सकते हैं। अभी सिर्फ इतना ही कह सकते हैं कि जल्द शुरू की जाएगी। इस बार काउंसिलिंग प्रक्रिया में बदलाव के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए गए हैं। ताकि बार-बार काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को आमंत्रित नहीं करना पड़े।

    डॉ. आनंद ठाकुर का सवाल : 1093 पदों का रोस्टर क्लियर कर दिया गया है, लेकिन नियुक्ति विज्ञापन जारी नहीं हुआ?

    रांची | शिक्षामंत्री डॉ. नीरा यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों के असिस्टेंट्स प्रोफेसर के रिक्त पदों का रोस्टर क्लियर कर लिया गया है। इसके बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को नियुक्ति अधियाचना भेज दी गई है। जिस पर जेपीएससी द्वारा विश्वविद्यालयों से कुछ बिंदुओं पर क्वेरी की गई है। इसका जवाब मिलते ही असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त 1093 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉलेजों व पीजी विभागों में पढ़ाई बाधित नहीं हो। इसे ध्यान में रखकर अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा रिटायर्ड शिक्षकों की सेवा ली जा रही है। 17,572 हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। वे सोमवार को दैनिक भास्कर कार्यालय में रांची यूनिवर्सिटी जूलॉजी के शिक्षक डॉ. आनंद ठाकुर के सवाल का जवाब दे रही थीं।

    शिक्षकों को पिछले चुनाव में काफी कम संख्या में लगाया गया था, महिलाओं को चुनाव कार्य से मुक्त रखा गया था

    एफिलिएटेड कॉलेजों को अंगीभूत या घाटानुदान का दर्जा देने की सरकार के पास कोई योजना है या नहीं। इसमें कार्य करने वाले शिक्षक 10-12 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय पर रिटायर कर रहे हैं। - प्रो. गोपाल महतो, कोकर

    -सरकार बनने के साथ ही एफिलिएटेड कॉलेजों का अनुदान दोगुना कर दिया गया है। अंगीभूत या घाटानुदान का दर्जा देने के संबंध में विभागीय स्तर पर स्टडी चल रही है। सरकार इनके डिमांड पर गंभीर है।

    प्राइवेट स्कूलों में ग्रीष्मावकाश के समय की फीस वसूली जाती है। सैलरी सरकार से लेते हैं, लेकिन अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं भेजते हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर पहले भी ड्राफ्ट बना था, उसका क्या हुआ। - अजय राय, लालपुर

    -अभिभावकों को परेशानी हो रही है। इसे दूर करने के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए गए हैं। मैं आपको विश्वास दिलाती हूं कि ड्राफ्ट को स्वीकृति मिलते ही निजी स्कूल से संबंधित सभी तरह की परेशानियां स्वत: दूर हो जाएंगी।

    बेहतर शिक्षा सरकार की प्राथमिकता सूची में है। लेकिन शिक्षकों के पद काफी संख्या में रिक्त हैं। ऐसे में सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कितना उचित है। - नीलकमल, रांची

    -क्वालिटी एजुकेशन सरकार की प्राथमिकता सूची में है। वर्ष 1995 से मैं छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा दे रही हूं। लोगों से चंदा किया है। सिमडेगा, गढ़वा, पलामू के बच्चे आगे नहीं आते थे। अब आगे आ रहे हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

    आपकी सीधी बात सरकार के साथ

    शिक्षा मंत्री : यूनिवर्सिटी से क्वेरी का जवाब मिलते ही असिस्टेंट प्रोफेसर के 1093 पदों पर होगी नियुक्ति

    यूनिवर्सिटी शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं अन्य राज्यों में इसका लाभ मिल रहा है। तीन बार विधानसभा में चर्चा हो चुकी है। हर बार एक ही जवाब मिलता है, प्रक्रियाधीन है। प्रक्रियाधीन शब्द कब खत्म होगा। - प्रो. बीएन सिंह, झारिया धनबाद

    -यूनिवर्सिटी शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट देने के लिए सरकार गंभीर है। यूनिवर्सिटी और विभाग के बीच समुचित तालमेल के अभाव में विलंब हो रहा है। समय नहीं बता सकते हैं, लेकिन प्रक्रियाधीन शब्द जल्द खत्म होगा। इतना मैं विश्वास के साथ कह सकती हूं।

    राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी के लिए कोई नीति बनाएंगी, ताकि इस क्षेत्र में इन्वेस्टर्स आ सकें। इसकी स्थापना कब तक होगी?

    -राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी खोलने पर विचार किया जाएगा। इन्वेस्टर्स आतें हैं तो उन्हें सरकार सहूलियत दी जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा निकट भविष्य में प्रक्रिया शूरू होगी। यूनिवर्सिटी स्थापित हो जाने से कामकाजी लोगों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

    पारा शिक्षकों को नियमित करने की क्या योजना है? - बेलाल अहमद, गढ़वा

    -हमारी नजर में सरकारी और निजी संस्थानों के शिक्षक एक समान हैं। इसलिए शिक्षकों के लिए बाल समागम की तर्ज पर शिक्षक समागम शुरू किया गया है। वैसे पारा शिक्षकों को सम्मानित किया गया है, जिनके भरोसे स्कूल संचालित हो रहे थे। इनके डिमांड पर हाइलेबल कमेटी गठित की गई है। 25 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने को छोड़कर अन्य मांगों पर सहमति बन गई है।

    प्राइमरी स्कूलों में 50 लाख बच्चे नामांकित हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 32 लाख बच्चों की किताबें मंगवाई जा रही हैं। सक्षम लोग सरकारी स्कूल में पढ़ना नहीं चाहते हैं। क्वालिटी एजुकेशन कब तक मिलेगी। - प्रशांत कुमार, जरीडीह बोकारो

    -सभी बच्चों को पुस्तक उपलब्ध कराने के लिए सरकार गंभीर है। स्कूली बच्चों को पुरानी पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। निजी स्कूल के संबंध में तैयार ड्राफ्ट लागू होने के साथ अधिकांश समस्याएं दूर हो जाएंगी।

    खूंटी जिले में सरकारी विद्यालयों की स्थिति खराब है। ऐसे में बच्चे निजी स्कूल में जाने के मजबूर हैं, जो सरकार के अनुदान से संचालित है। - मुकेश जायसवाल, खूंटी

    -सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधा देने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हमें सफलता भी मिली है। प्रत्येक स्कूल में बिजली पहुंच गई है। खूंटी के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं। आने वाले दिनों के इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

    अगले वर्ष लोकसभा चुनाव होने हैं। अभी साल में 210 दिन क्लास चलती है। आने वाले चुनाव की वजह से बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिए क्या उपाय करेंगी। - पूजा सोनी, रांची

    -राज्य के सभी जिलों में बहुउद्देश्यीय परीक्षा भवन का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि चुनाव के समय बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा आसानी से लिया जा सके। शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त करने का निर्णय लिया जा चुका है।

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