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भाजपा में तमाशा, शहर का मनोरंजन, सवाल...आखिर क्यों?

धनबाद | चाल...। चरित्र...। चेहरा...। भाजपा स्वयं को इन्हीं तीन शब्दों की कसौटी में कसती है। धनबाद भाजपा के अंदर मची कलह...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 03:05 AM IST
धनबाद | चाल...। चरित्र...। चेहरा...। भाजपा स्वयं को इन्हीं तीन शब्दों की कसौटी में कसती है। धनबाद भाजपा के अंदर मची कलह ने पार्टी की चाल, चरित्र और चेहरा को बिगाड़ दिया है। स्वयं को अनुशासित पार्टी बताने वाली भाजपा अपने ही नेताओं के जुबानी बाण से लहूलुहान है। एक तरफ मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और सांसद पशुपतिनाथ के विवाद से पार्टी की कलह सड़कों पर तमाशा कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो और गिरिडीह सांसद रवींद्र पांडेय ने आपसी मनभेद का सुर अलाप कर पार्टी की अनुशासन को तार-तार कर दिया है।

पॉलिटिकल कंट्रोवर्सी

मैं ईमानदार-आप बेईमान...अब इस पर छिड़ा भाजपा में घमासान

बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो और गिरिडीह सांसद रवींद्र पांडेय आमने-सामने

पॉलिटिकल रिपोर्टर | धनबाद

चुनौती दी गई...। औकात पूछा गया...। कटाक्ष भी किया गया...। मजाक भी बनाया गया...। भाजपा में ‘कलह’ दूसरे दिन भी जारी रहा...। बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर गिरिडीह सांसद रवींद्र पांडेय पर जुबानी हमला बोला। विधायक ढुल्लू महतो ने अपने ही पार्टी के सांसद के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। विधायक ने उनकी संपत्ति पर सवाल उठाया। उनसे पूछा कि अरबों रुपए और 500 ट्रक के मालिक कैसे बने...? विधायक यही नहीं रुके। उन्होंने सांसद को गंजेड़ी भी कह डाला। उनके चरित्र को लेकर भी टिप्पणी की। सांसद को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे जिला के सभी आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ सीबीआई जांच को लेकर पत्र लिखें। जांच के बाद पता चल जाएगा कि कौन भ्रष्ट है, कौन लूट रहा है? विधायक की चुनौती पर सांसद रवींद्र पांडेय ने भी पलटवार किया। उन्होंने विधायक की चुनौती स्वीकारी। कहा कि उन्हें चरित्र का प्रमाण पत्र विधायक ढुल्लू से लेने की जरूरत नहीं है। विधायक क्या हैं और क्या करते हैं... यह सभी जानते हैं।

चाल; नीचे गिराने की

नेता एक-दूसरे नीचा दिखाने की चाल चल रहे हैं। विधायक ढुल्लू को ही ले लीजिए...। इन्होंने सांसद रवींद्र पांडेय की अौकात पूछ ली। वहीं, मेयर चंद्रशेखर का कहना था कि एमपी पीएन सिंह बताना चाहते हैं कि जनता ने उन्हें जिताने का गलत निर्णय लिया। दो दिनों के दो विवादों ने नेताओं की चाल ने हैरान किया।

विधायक : रवींद्र पांडेय गंजा पीकर घूमते हैं, खुद को बड़ा सांसद कहते हैं

विधायक ढुल्लू महतो ने कहा कि सांसद रवींद्र पांडेय बताएं कि वे घर (औरंगाबाद) से अरबों रुपए लेकर आए थे, जो 500 ट्रक का मालिक बन गए। उनके पिता जी ने जमीन बेचती थी या फिर वे झोला ढोकर कमाए थे। मुझ पर आरोप लगाते हैं...। किस नेता का आउटसोर्सिंग कंपनी से सांठगांठ है? कौन पैसा लेता है? इसकी जांच सीबीआई से हो जाए। मैं चुनौती देता हूं कि वे भी सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखे। विधायक ने सांसद की कार्यशैली पर सवाल उठाया। कहा कि उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनी के साथ मिलकर आग से संबंधित सवाल संसद में उठाया। जिसके कारण डीसी लाइन पर ट्रेनें बंद हो गई। किस बात के नेता हैं वे...। केवल लूटने का काम कर रहे हैं। रवींद्र ने आज तक बीसीसीएल में हो रही ओवर रिपोर्टिंग, कोयला हेराफेरी की जांच की मांग क्यों नहीं की। ट्रेन बंदी का सवाल संसद में क्यों नहीं पूछा?

सर! विपक्ष पर बोलते। अपनों पर ही बरस पड़े।

चरित्र; बता रहे चरित्रहीन

भाजपा में नेताओं की चरित्र पर सवाल उठा है। दु:खद यह है कि सवाल उठाने वाले अपने हैं। विधायक ने सांसद रवींद्र को चरित्रहीन बता दिया। कहा कि सांसद जहां-तहां रात बिताते हैं। दिन में नहीं मिलते, रात में ही घूमते हैं। सांसद रवींद्र पांडेय को गंजेड़ी तक कह दिया। पार्टी के विधायक की इस टिप्पणी ने हतप्रभ कर दिया।

सांसद रातभर घूमते हैं

विधायक ने सांसद को गंजेड़ी बता दिया। कहा कि वे रातभर गंजा पीकर घूमते हैं और स्वयं को बड़ा सांसद कहते हैं। पार्टी की छवि मैं नहीं खराब कर रहा हूं, पार्टी की छवि किससे खराब हो रही है, यह जनता जानती है।

कहां सोते हैं, जांच हो तो पकड़े जाएंगे

विधायक ने सांसद के चरित्र पर भी सवाल उठाए। कहा कि रात-रातभर घूमते हैं। दो-चार बाशिंदे हैं, उनके घर सोते हैं। हकीकत बोलने में मुझे दिक्कत नहीं है। कहां सोते हैं.... जांच हो जाए तो पकड़े जाएंगे।

...तो रवींद्र की औकात क्या?

विधायक ने रवींद्र से उनकी औकात भी पूछी। कहा कि पार्टी और मोदी जी के नाम पर चुनाव जीत गए, नहीं तो उनकी औकात ही क्या है? मैंने कभी नहीं कहा कि गिरिडीह से लोकसभा चुनाव लडूंगा।

भाजपा कार्यालय

बात चरित्र की है,सोच के बोलिएगा

ओरिएंटल पर बोले चोर मचा रहे शोर

विधायक ने कहा कि सारे चोर मिलकर शोर मचा रहे हैं। जांच हो जाए तो पता चल जाएगा कि मैं प्रोजेक्ट बंद कराना चाहता हूं कि वे कंपनी बंद करना चाहती है। पीएमओ को भी लिखे हैं। जांच की मांग की है।

चेहरा; दागदार बना दिया

भाजपा के नेताओं ने एक-दूसरे का चेहरा बिगड़ा है। अब मेयर-सांसद विवाद को ही ले लीजिए...। आज तक विपक्ष ने भी सांसद को रेल बंदी और एम्स स्थानांतरण के लिए निजी तौर जिम्मेवार नहीं ठहराया, पर मेयर ने कटाक्ष के माध्यम से यह काम कर किया। ढुल्लू ने सांसद रवींद्र की संपत्ति पर सवाल उठा दिया।

सांसद : बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो का मानसिक संतुलन खराब हो गया है

विधायक ढुल्लू के वार पर सांसद रवींद्र पांडेय ने पलटवार किया। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए सांसद रवींद्र पांडेय ने कहा कि मेरा पास 500 गाड़ी नहीं है। अगर विधायक ढुल्लू को 500 गाड़ी की जानकारी है तो वे 150 गाड़ी छोड़ कर 350 गाड़ी रख लें। मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगा। मेरी सारी गाड़ी इनकम टैक्स में दिखायी गई है। सड़क पर गाड़ी चलती है। बच्चा-बच्चा जानता है कि कौन गाड़ी किसका है। उन्होंने कहा कि ये गाड़ी वे औरंगाबाद से लाएं या बेंगाबाद से... इससे विधायक को क्या मतलब? मेरे पिता जी का इतिहास और भूगोल हिन्दुस्तान जानता है। पिता जी का इतिहास पढ़ने में विधायक को 20 साल लग जाएंगे। सांसद ने कहा कि मुझे विधायक से किसी तरह का प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। अगर मैंने या मेरे पिता ने कुछ गलत किया है तो सरकार से सीबीआई जांच करवा दे।

देखिए! एक हम ही ईमानदार, बाकी सब बेईमान हैं।

सवाल...नेता आखिर क्यों उगल रहे आग?

1. लोकसभा चुनाव : लोकसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में नेताओं की महत्वाकांक्षा टकरा रही है। टिकट मिलने और न मिलने की संभावनाओं ने नेताओं की जुबान तीखी कर दी है।

2. नाकामी छुपाने की कोशिश : चुनाव में काम भी देखा जाएगा। आकलन में पीछे न छूट जाएं, इसलिए वे अपनी नाकामी छुपाने में लगे हैं। एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं।

उल्टा चोर कोतवाल को डांटे

सांसद ने कहा कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे...। विधायक ही मुझ पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक मेरे साथ किसी अच्छा जांच घर में चले। गंजा पीते हैं या शराब... पता चल जाएगा। विधायक का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।

मेरे चरित्र में दाग, तो जांच करा लीजिए

सांसद ने अपने चरित्र पर उठाए गए सवाल पर कहा कि मेरी जिंदगी एक खुली किताब है। मैं कहां सोता हूं, कहां उठता हूं...। ऐसे सवालों को लेकर विधायक को मेरे चरित्र पर शक है तो वे अपनी लोकप्रिय सरकार से जांच करा लें।

मैं भी सीबीआई जांच को तैयार

सांसद ने कहा कि आउटसोर्सिंग की जांच को लेकर मैं भी सीबीआई जांच के लिए तैयार हूं। विधायक अपनी सोचे। उन्होंने कौन सा कारोबार किया है, इतनी बड़ी व्यवस्था खड़ी कर ली है। जनता सबकुछ जानती है।

मेरी औकात अभी विधायक नहीं जानते

सांसद ने कहा कि मैं अपनी औकात पर चुनाव जीतता हूं... यह बात नहीं कह सकता। क्योंकि चुनाव पार्टी, कार्यकर्ता और विकास कार्यों की मदद से लड़ा जाता है। मेरी औकात विधायक नहीं जान सके तो यह उनका दुर्भाग्य है।