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ददई की कुसुंडा क्षेत्रीय कमेटी का सामूहिक इस्तीफा कहा- राजेंद्र गुट के साथ काम करना संभव नहीं होगा

इंटक में राजेंद्र और ददई गुट के विलय की बढ़ रही संभावनाओं से कई नेता नाराज हैं। नेताओं की नाराजगी धीरे-धीरे सामने...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 04:10 AM IST
इंटक में राजेंद्र और ददई गुट के विलय की बढ़ रही संभावनाओं से कई नेता नाराज हैं। नेताओं की नाराजगी धीरे-धीरे सामने आने लगी है। राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की कुसुंडा क्षेत्रिय कमेटी (ददई गुट) की धनसार में आयोजित बैठक में विलय का खुलकर विरोध किया गया। नेताओं ने कहा कि अलग-अलग रहते हुए दोनों गुटों में कई बार मनमुटाव हुआ था। जिसके कारण नेताओं के संबंध बिगड़ गए। अब दोनों गुटों के विलय की बात कही जा रही है। विलय होने पर दोनों गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक साथ काम करने को कहा जाएगा। विलय की इस स्थिति में साथ-साथ काम करना संभव नहीं है। हमारे बीच संबंध ऐसे नहीं रहे कि दोनों साथ-साथ बैठ सके और मजदूर के लिए काम कर सके। बैठक में नेताओं ने सर्वसम्मति से कुसुंडा क्षेत्रिय कमेटी (ददई गुट) और उसके अंतर्गत आने वाली सभी कोलियरी कमेटियों को भंग करने का निर्णय लिया। यही नहीं, कमेटी के नेता और कार्यकर्ताओं ने सभी पदों और सदस्यता से त्याग पत्र भी दे दिया। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद, परमेश्वर पांडेय, बीएल सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, मदन मोहन शर्मा, संजय प्रसाद, उपेंद्र सिंह, भोला भुइया, विकास चौहान व अनिल पासवान सहित कई मौजूद थे।

दिल्ली में सहमति बनाएंगे राजेंद्र और ददई

राजेन्द्र और ददई गुट के विलय को लेकर नई दिल्ली में गुरुवार से तीन दिनों तक बैठकों का दौर चलेगा। दोनों पक्ष के वकील बैठक में शामिल होकर केस उठाने पर सहमति का रास्ता बनाएंगे। इसे लेकर राजेन्द्र सिंह और उनके पुत्र अनूप सिंह दिल्ली पहुंच चुके हैं। जबकि, ददई दुबे गुरुवार को दिल्ली पहुचेंगे।

राजेंद्र सिंह। ददई दुबे।

मतभेद भूला कर एक हों पांचों यूनियनें : जामा

राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के महासचिव एसक्यू जामा ने पांचों यूनियनों को आपसी मतभेद छोड़कर श्रमिकों के मुद्दों पर एक होने की बात कही है। उन्होंने बीएमएस, एचएमएस, एटक एवं सीटू के पदाधिकारियों से मानकीकरण की 13 जुलाई को प्रस्तावित बैठक में दसवें वेतन समझौते के मुद्दे पर श्रमिकों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए काम करने का आग्रह किया है।