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अस्पताल भवन निर्माण में गड़बड़ी 5 इंजीनियरों पर कार्रवाई की अनुशंसा, विभाग को लिखा पत्र

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए जा रहे अस्पताल भवनों के निर्माण में इंजीनियरों ने जमकर गड़बड़ी की है। अस्पताल...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 02:25 AM IST
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए जा रहे अस्पताल भवनों के निर्माण में इंजीनियरों ने जमकर गड़बड़ी की है। अस्पताल निर्माण के लिए पैसा दिए जाने के बाद भी उसे समय से पूरा नहीं किया गया। ऐसे में अस्पताल भवन के निर्माण में कई गुणा वृद्धि हो गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के सचिवों को पत्र लिखा है।

मुख्य अभियंता समेत चार इंजीनियर आरोपी : पलामू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन का भवन निर्माण समय पर निर्माण नहीं किया जिससे योजना की लागत राशि में अप्रत्याशित वृद्धि हो गई। इसके लिए चार इंजीनियरों को दोषी ठहराया गया है। इनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है। दोषी इंजीनियरों में लघु सिंचाई प्रमंडल हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता दिनेश प्रसाद, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल पलामू के सेवानिवृत्त इंजीनियर अरुण कुमार सिंह, जल पथ प्रमंडल साहेबगंज के सहायक अभियंता गणेश कुमार और कनीय अभियंता नरेश ठाकुर शामिल हैं। इन सभी इंजीनियरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के लिए जल संसाधन विभाग को पत्र लिखा है।

बिना प्रशासनिक स्वीकृति के ही खोल दिया टेंडर : सिमडेगा में सदर अस्पताल परिसर में वेयर हाउस के निर्माण में भी अनियमितता बरती गई है। लोकायुक्त की ओर से 31 मई को इस संबंध में आदेश पारित किया गया है। इसमें कहा गया है कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के तत्कालीन मुख्य अभियंता अमरेंद्र कुमार सिंह (अब सेवानिवृत्त) ने बिना प्रशासनिक स्वीकृति के ही टेंडर खोल कर उसे निस्तारित कर दिया। यह अनियमितता है। स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को दोषी इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। इसी तरह दुमका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीकांदर के निर्माण में भी इंजीनियरों ने गड़बड़ी की। पूरी राशि दिए जाने के बाद भी अस्पताल भवन का निर्माण समय से नहीं किया गया।