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रेलवे से वॉलेंटरी रिटायरमेंट लेकर विनय गरीब बच्चों को दे रहे है नि:शुल्क शिक्षा

कहते है समाज की सेवा करनी हो तो जरूरी नहीं कि उसके लिए नौकरी ही की जाए। यदि इच्छाशक्ति तो हो समाज सेवा के लिए कई ऐसे...

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2018, 02:35 AM IST
रेलवे से वॉलेंटरी रिटायरमेंट लेकर विनय गरीब बच्चों को दे रहे है नि:शुल्क शिक्षा
कहते है समाज की सेवा करनी हो तो जरूरी नहीं कि उसके लिए नौकरी ही की जाए। यदि इच्छाशक्ति तो हो समाज सेवा के लिए कई ऐसे कार्य है कि आप अपने प्रतिभा को समाज के लिए दे सकते हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में जिस तरह की दुर्गति हो रही है वैसे में यदि कोई रेलवे की नौकरी छोड़कर समाज के गरीब बच्चों को अपना महत्वपूर्ण समय देकर उन्हें शिक्षित करें और परीक्षा की तैयारियां करवाएं वैसे व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलना ही चाहिए। कुछ इसी तरह का ही कार्य गोमाे के विशनपुर में रहने वाले विनय कुमार उपाध्याय कर रहे है। विगत एक वर्ष से अधिक समय से वे अपने क्षेत्र के करीब पचास से अधिक छात्र-छात्राओं को रोजाना नि:शुल्क पढ़ाकर तैयारी करवा रहे है। उनकी इस लगन की वजह से ही ये गरीब के बच्चे आज अपने-अपने स्कूलों में अच्छे नंबरों से पास हो रहे हैं।

क्या कहते हैं विनय उपाध्याय

इस बारे में जब विनय उपाध्याय से पूछा गया तो उन्होंनें कहा कि मेरी इच्छा थी कि समाज के लिए कुछ कर सकूं। ऐसे में यह सबसे बेहतर साधन मुझे दिखा। आज जो भी बच्चे पैसे के अभाव में पढ़ाई नहीं कर पा रहे है मैं उनकी सेवा करना चाहता हूं। मैं इसमें कितना सफल होऊंगा यह तो नहीं पता लेकिन मेरा प्रयास कभी कम नहीं होगा।

नौकरी से नहीं मिली थी संतुष्टि

रेलवे में कॉमर्शियल इंस्पेक्टर के पोस्ट पर लंबे समय तक धनबाद और उसके बाद चंद्रपुरा में कार्य करने के बाद अचानक विनय उपाध्याय ने मन में ठान लिया कि अब नौकरी नहीं करना है और समाज की सेवा में आगे कदम बढ़ाना है। इस फैसले से घर वाले भी परेशान हो गए। लेकिन बच्चों ने तथा प|ी ने उनका साथ दिया और कहा कि आप को जिस कार्य में संतुष्टि मिलती हो उसे करें। इसके बाद उन्होंनें रेलवे से वॉलेंटियर रिटायरमेंट ले लिया। कुछ दिनों तक समझ में नहीं आया कि वे क्या करें। लेकिन अपने पुराने दिनों के बारे को याद किया जब वे नौकरी से पहले ट्यूशन पढ़ाया करते थे।

ट‌्‌यूशन के बाद अच्छे नंबर आने लगे बच्चों के

विनय उपाध्याय के यहां ट्यूशन पढ़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चो के नंबर अचानक से सुधरने लगे। उनके माता-पिता कहते है कि उपाध्याय सर हमारे तथा हमारे बच्चों के मसीहा बनकर आए हुए है।

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