बोकारो / मकर संक्रांति के मौके पर हथिया पत्थर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

दामोदर नदी के बीच हथिया पत्थर की पूजा करते श्रद्धालु दामोदर नदी के बीच हथिया पत्थर की पूजा करते श्रद्धालु
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दामोदर नदी के बीच हथिया पत्थर की पूजा करते श्रद्धालुदामोदर नदी के बीच हथिया पत्थर की पूजा करते श्रद्धालु

  • 150 वर्षों से ज्यादा समय से मकर संक्रांति के मौके पर पूजा होती आ रही है
  • लोग यहां बीच नदी में पत्थर की आकृति के बने हाथी व मंदिरों में पूजा अर्चना करते हैं

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2020, 01:26 PM IST

बोकारो.  मकर संक्रांति के मौके पर हथिया पत्थर में अहले सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। यहां श्रद्धालुओं ने दामोदर नदी के बीच स्थित पत्थर के हाथीनुमा आकार के हथिया गोसाई की पूजा अर्चना की। वहीं, मंगलवार को यहां मेले का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर आसपास के गांवों के अलावा दूसरे जिले के लोग भी यहां आते हैं।

यहां लगभग 150 वर्षों से ज्यादा समय से मकर संक्रांति के मौके पर पूजा होती आ रही है। पहले यहां कम लोग जुटते थे, लेकिन धीरे-धीरे यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ने लगी है। यही कारण है कि इस स्थान को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठने लगी है। हालांकि इस दिशा में यहां कई काम हुए हैं। सड़क मंदिर का निर्माण हो चुका है। भक्तों का मानना है कि मकर स्नान के बाद यहां जो मन्नत मांगी जाती है वह अवश्य पूरी होती है।

क्या है पुरानी मान्यता
लोग कहते हैं कि यहां पहले सामान्य दामोदर नदी हुआ करती थी। प्राचीन काल में किसी राजा ने अपने पुत्र के विवाह में इस नदी की तेज धारा को कम करने की विनती की। उन्होंने कहा- सहजता से नदी पार हो जाएंगे तो बलि चढ़ाकर पूजा अर्चना करेंगे। इस पर दामोदर नदी का पानी कम हो गया। राजा और उनके बाराती नदी पार कर गए। लेकिन वापसी में राजा ने पूजा नहीं की और नदी को अपशब्द कहा। उसी समय राजा, बाराती दुल्हा-दुल्हन सहित हाथी, घोड़े, ढोल नगाड़ा सभी पत्थर में तब्दील हो गए।

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