मटकुरिया मर्डर केस / किशोरी को चाकू से गोद कर मारने वाला सुलेख अब ताउम्र जेल में रहेगा

सुलेख को जेल ले जाती पुलिस। सुलेख को जेल ले जाती पुलिस।
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सुलेख को जेल ले जाती पुलिस।सुलेख को जेल ले जाती पुलिस।

  • मटकुरिया में 29 अगस्त 2017 की रात हुई थी वारदात

दैनिक भास्कर

Feb 26, 2020, 11:17 AM IST

धनबाद.  एकतरफा प्यार में मटकुरिया में रहने वाली किशोरी की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले सुरेश उर्फ सुलेख को ताउम्र जेल में रखने की सजा दी गई। एडीजे 3 राजीव कुमार सिन्हा ने मंगलवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की सजा बिंदु पर दलीलें सुनने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


अभियोजन की ओर से सीनियर लोक अभियोजक बीडी पांडेय ने अदालत से कठोरतम दंड देने का अनुरोध किया। बीडी पांडेय ने दलील में सुप्रीम कोर्ट के एक जजमेंट का हवाला देते हुए कहा कि बच्चन सिंह बनाम पंजाब सरकार 1980 के फैसले में आरोपी को मृत्युदंड दिया था। इसलिए आरोपी को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में एक संदेश जाए।

अभियोजन की ओर से कुल 14 गवाहों ने अदालत में बयान दर्ज कराया था। अदालत ने सुलेख को धारा 302 में ताउम्र कैद, धारा 307 में 10 वर्ष कैद व 10 हजार रुपए और धारा 452 में 7 वर्ष कैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी। इस मामले में अदालत ने 21 फरवरी 2018 को आरोप गठित कर गवाही शुरू कराई थी। सूचक की तरफ से अधिवक्ता पवन कुमार ओझा ने पैरवी की। आईओ प्रवीण कुमार ने 27 नवंबर 2017 को सुलेख के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

एकतरफा प्यार में छात्रा को मार डाला था, भाई को किया था घायल
किशोरी के पिता ने 30 अगस्त 2017 को बैंक मोड़ थाना में सुलेख के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि 29 अगस्त 2017 की रात्रि परिवार के सदस्य खाना खाकर सोने चले गए थे। 15 वर्षीया बेटी व 12 वर्षीय बेटा रवि एक कमरे में सोए थे। रात्रि लगभग ढाई बजे बच्चों की चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। कमरे से निकलने के लिए दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह बंद मिला। शोर मचाने पर पड़ोसियों ने दरवाजा खोला। कमरे में पहुंचा तो दोनों बच्चे खून से लथपथ थे। बेटा ने बताया कि जो लड़का दीदी को तंग करता है, उसी ने चाकू से हमला किया। घायलावस्था में दोनों को पीएमसीएच ले गए। जहां बेटी को मृत घोषित कर दिया गया।

जिसकी हत्या की, उससे छेड़खानी में भी सजायाफ्ता है सुलेख
मटकुरिया की जिस किशोरी की हत्या में सुलेख को ताउम्र कैद की सजा मिली है, उसी किशोरी से छेड़खानी के केस में उसे 29 अप्रैल 2019 को राजकमल मिश्रा की अदालत से सजा मिल चुकी है। हालांकि, छेड़खानी के केस में अदालत के फैसले से पूर्व ही 29 अगस्त 2017 को किशोरी की हत्या कर दी गई थी। किशोरी की मां ने 25 फरवरी 2016 को बैंक मोड़ थाना में सुलेख के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था।

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