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प्रेमी से करना चाहती थी शादी, उसके साथ मिलकर करा दिया पति का कत्ल

सुमन बरवाअड्डा के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थी। वहीं नावाटांड़ के कृष्ण के संपर्क में आई।

Danik Bhaskar | Jul 08, 2018, 11:00 AM IST

धनबाद. बरवाअड्डा के शिव शंकर की हत्या उसकी पत्नी सुमन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी। प्रेमी कृष्ण कुमार महतो से उसने शादी करने का वादा किया था। शर्त थी कि वह उसके पति को रास्ते से हटा दे। कृष्ण ने राजेंद्र महतो, रमेश महतो और शिव के चचेरे भाई दयाल महतो के साथ मिलकर उसे 2 जुलाई को मार डाला और लाश फूलझर के कुबरीटांड़ में छिपा दी। एसएसपी मनोज रतन चोथे ने शनिवार को अपने दफ्तर में इस हत्याकांड का खुलासा किया।

सख्ती से की पूछताछ तो बता दी सच्चाई
एसएसपी ने बताया कि सब्जी बेचनेवाले कृष्ण ने शिव की हत्या के लिए दयाल, राजेंद्र और रमेश को 50-50 हजार रुपए देने का वादा किया था। उसने कहा था कि वह सब्जी बेचने से कमाई कर उन्हें जल्द रुपए दे देगा। हालांकि इससे पहले ही सुमन, कृष्ण, दयाल और राजेंद्र पकड़े गए। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल लिया। पुलिस को आरोपियों के पास से 16 मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक मिली है। पूछताछ के बाद शनिवार को गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया। एक अन्य आरोपी रमेश फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। एसएसपी ने कहा कि स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपियों को जल्द सजा दिलाएंगे। खुलासे के मौके पर डीएसपी मुकेश महतो और बरवाअड्डा थानेदार दिनेश प्रसाद भी मौजूद थे।

पार्टी के नाम पर ले गए फूलझर और गला रेत डाला
शिवशंकर टाटा मोटर्स में काम करता था। 2 जुलाई को वह हवाई अड्डा के पास स्थित पंचवटी में कंपनी की पार्टी में शामिल होने गया था। उसकी पत्नी सुमन ने इसकी जानकारी कृष्ण को दी थी। रात 9:30 बजे पार्टी से निकलकर शिव अपनी बाइक से कल्याणपुर स्थित अपने घर की ओर बढ़े ही थे कि रास्ते में दयाल, कृष्ण, राजेंद्र और रमेश मिले। दयाल ने शिव से कहा कि टुंडी के फूलझर में रहनेवाले उनके मामा के घर भी पार्टी है। सभी उस तरफ बढ़ गए। शिव शंकर के अलावा बाकी चारों ने शराब पी रखी थी। फूलझर के कुबरीटांड़ में उन्होंने शिव से रुकने को कहा अौर फिर पकड़कर उनके हाथ बांध दिए। इसके बाद राजेंद्र ने चाकू से गला रेत कर शिव को मार डाला। लाश वहीं छिपाकर उन्होंने शिव की बाइक गाेविंदपुर में रंगडीह पुलिया के पास छोड़ दी। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू गोविंदपुर-टुंडी रोड के किनारे वाले तालाब में फेंक दिया। 5 जुलाई को शव बरामद होने के बाद बरवाअड्डा थाने का घेराव करनेवालों में दयाल भी शामिल था।

मर्डर वेपन की खोज
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शनिवार को गोविंदपुर-टुंडी रोड के किनारे स्थित तालाब में हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू खोजने का प्रयास किया। देर शाम तक वह नहीं मिला। रविवार को फिर तालाब में उसे ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।

2 जुलाई की रात सुमन ने एक खास नंबर पर किए थे कई कॉल
शिव की गुमशुदगी के मामले में उनके पिता को बहू सुमन पर संदेह था। शव बरामद होने के बाद उन्होंने सुमन पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने सुमन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली, तो पता चला कि 2 जुलाई को एक नंबर पर कई बार बात हुई थी। सभी कॉल रात में किए गए थे। इस आधार पर छानबीन करने पर कृष्ण पकड़ा गया। हालांकि उसने अपने मोबाइल फोन का सिम दांत से चबाकर तोड़ डाला। उससे पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई।

पढ़ने के दौरान कृष्णा से हुआ था प्यार
पुलिस के मुताबिक, सुमन बरवाअड्डा के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थी। वहीं नावाटांड़ के कृष्ण के संपर्क में आई। जान-पहचान बढ़ी और बात शादी के वादे तक पहुंच गई। इसी बीच परिवार वालों ने सुमन की शादी शिव शंकर से करा दी। इसके बाद भी सुमन लगातार कृष्ण और दयाल से मिलती-जुलती रही। वह कृष्ण से शादी करना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने शिव को रास्ते से हटाने की साजिश रची।