प्रज्ञा केंद्राें से नहीं, सीअारएस साॅफ्टवेयर से अब बनेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
प्रज्ञा केंद्राें में नहीं अब सीअारएस साॅफ्टवेयर में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनेगा। इसके लिए झारखंड सरकार ने निर्देश जारी कर दिया है। बल्कि भारत सरकार से जारी सीअारएस (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) साॅफ्टवेयर से ही ये प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। राज्य जन्म-मृत्यु निबंधन के निदेशक सह मुख्य रजिस्ट्रार अंजनी कुमार ने राज्य के सभी उपायुक्त सह जिला निबंधक काे कार्यालय अादेश जारी कर निर्देश दिया है कि भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय नई दिल्ली द्वारा विकसित यूनिफाॅर्म सीअारएस साॅफ्टवेयर जिला के सभी इकाईयाें में लागू करें। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी महेश भगत का कहना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र काे लेकर सरकार का गाइड लाइन अा गया है।
प्रज्ञा केंद्र से हटाने के दाे बड़े कारण
रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 का उल्लंघन
जिला सांख्यिकी विभाग का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार का मानना है कि रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 के अनुरुप प्रज्ञा केंद्र जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना रहा है। प्रज्ञा केंद्र द्वारा निर्गत प्रमाणपत्र में कई तरह की त्रुटियां पाई जा रही है। प्रज्ञा केंद्र राज्यस्तर की व्यवस्था है।
प्रमाण पत्र काे लेकर सेंट्रलाइज व्यवस्था लागू करना
भारत सरकार के नीति अायाेग अाैर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का निर्देश है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र काे लेकर पूरे देश में एक एकीकृत व्यवस्था लागू की जाए, जिससे जनसंख्या काे लेकर अपटेड व्यवस्था रहे। केंद्रस्तर पर काेई भी प्लानिंग बनाने में सहुलियत हाे पाए।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र काे लेकर राज्य सरकार का दिशा-निर्देश अा गया है। भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय नई दिल्ली द्वारा विकसित यूनिफाॅर्म सीअारएस साॅफ्टवेयर से ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाना है। इसके लिए जिला से लेकर पंचायत स्तर पर व्यवस्था करने की याेजना है, जिससे लाेगाें काे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में काेई परेशानी नहीं हाेेने पाए। \\\'\\\'
महेश भगत, प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी धनबाद।