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जमीन का डेढ़ गुना से अधिक रेट तय करने पर समीर मंडल की हुई हत्या

एक वर्ष पहले
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जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या का कारण जमीन विवाद ही है। पुलिस सूत्राें के मुताबिक बगुला में डेढ़ साै कट्ठा जमीन समीर की हत्या का कारण बना। बरवाअड्डा के जयमंगल हाजरा ने जमीन के कई रैयताें से 1 लाख रुपए प्रति कट्ठा में साैदा तय किया था। समीर उस जमीन काे डेढ़ गुना रकम का अाॅफर देकर हासिल कर ली थी। जमीन के हाथ से निकलने के बाद जयमंगल ने हत्या की साजिश रची। उसने अाशीष अाैर सतीश काे 10-10 लाख रुपए की सुपारी दी। घटना के बाद में दाेनाें काे दाे-तीन किश्ताें में दाे व चार लाख रुपए भी दिए थे। पकड़े जाने के बाद जयमंगल ने अाशीष अाैर सतीश का नाम लिया। इस अाधार पर पुलिस ने पहले अाशीष काे पकड़ा। हालांकि घटना में शूटर की भूमिका निभाने वाला सतीश गिरफ्त से बाहर है। सतीश काे पकड़ने के लिए वासेपुर में स्थित उसकी ससुराल में छापेमारी की लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा पाया। पुलिस के द्वारा हथियार बरामद किए जाने की भी चर्चा है।

रजिस्ट्री कार्यालय से ही समीर का हो रहा था पीछा

पुलिस के समक्ष अाशीष ने स्वीकार किया कि रजिस्ट्री कार्यालय से ही उसने सतीश के साथ समीर मंडल का पीछा किया था। बाइक वह चला रहा था। जबकि सतीश बाइक के पीछे बैठा था। रास्ते में सतीश जगह देख रहा था कि समीर मंडल को कहां मारना है। कार्मिक नगर से वीर कुंवर सिंह कॉलाेनी गली में मुड़ते ही सुनसान जगह पर उन्हें माैका मिल गया। अाशीष ने पुलिस काे बताया कि वह समीर मंडल काे धमकाना चाहता था, वह ऐसा करता, उससे पहले ही सतीश ने दाेनाें हाथाें में पिस्टल से उस पर गाेली चला दी। हालांकि पुलिस काे अाशीष के बयान पर यकीन नहीं है। सतीश के पकड़े जाने पर ही अाशीष के बयान का सच सामने अा सकता है।

मोबाइल घर पर रखकर हत्या के लिए गए दोनों

पुलिस के समक्ष आशीष ने स्वीकार किया है कि हत्या की साजिश रचने के बाद जयमंगल घटना के दिन दिल्ली चला गया था। घटना के गिन उन्होंने हर कदम सोच समझ कर उठाया। सोची समझी रणनीति के तहत घटना को अंजाम देने से पहले उसने अाैर सतीश ने अपने-अपने माेबाइल घर में ही छाेड़ दिए, ताकि पुलिस काे तीनाें की लाेकेशन अलग-अलग मिले। ऐसा हुआ भी। जब पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद ली तो उन्हें काेई सफलता हाथ नहीं लगी थी। हत्या में शामिल दोनों ही आरोपियों का मोबाइल लोकेशन अल-अलग था। पुलिस ने बताया कि अन्य माध्यमाें से मिली सूचना पर उन्होंने दोनों को कांड में संलिप्त पाया। अन्य माध्यम से पुलिस काे तीनाें के बारे में पता चला। इस अाधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में हर राज खुल गया।

सीसीटीवी फुटेज व जयमंगल के बयान से हुआ खुलासा

समीर हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस काे जयमंगल से अाशीष अाैर सतीश के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कार्मिक नगर से मिले सीसीटीवी फुटेज से दाेनाें की पहचान की। पहचान के बाद ही पुलिस अाशीष तक पहुंची।

अाशीष ने जयमंगल काे दिलाए थे 4 बॉडीगार्ड

जयमंगल काे बाडीगार्ड की जरूरत थी। एक कांग्रेसी नेता के चालक ने अाशीष से जयमंगल की पहचान कराई थी। अाशीष जिम का शाैकीन है। जिम में अाने वाले चार युवकाें काे उसने 13-13 हजार रुपए प्रतिमाह पर जयमंगल काे मुहैया कराया था। हालांकि कुछ माह बाद ही जयमंगल की अार्थिक स्थिति कमजाेर हाेने के बाद चाराें बॉडीगार्ड का हटा दिया था।

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