पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

धनबाद देगा देश को पहला डिजिटल माइंस, एक कमरे में बैठकर होगी खदान की कंट्रोलिंग

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • खतरा पहले पता चलेगा, उत्पादन से डिस्पैच तक सब होगा ऑनलाइन 
  • सीएसआईआर-सिंफर, धनबाद के वैज्ञानिकों ने विकसित की डिजिटल माइंस की तकनीक

धनबाद. धनबाद देश को पहला डिजिटल माइंस देगा। सीएसआईआर-सिंफर, धनबाद के वैज्ञानिकों ने इसकी तकनीक विकसित कर ली है। इस तकनीक से देश की माइनिंग की दशा और दिशा दोनों बदल जाएगी। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी ने संस्थान को यह प्रोजेक्ट दिया था। प्रोजेक्ट का नाम \'डेवलपमेंट ऑफ डिजिटल माइन यूजिंग इंटरनेट ऑफ थिंग्स\' है। करीब डेढ़ साल की कड़ी और स्मार्ट मेहनत के बाद यहां के वैज्ञानिकों ने माइनिंग इंडस्ट्री को पूरी तरह डिजिटल करने की तकनीक इजाद कर ली। इस तकनीक के माध्यम से पूरे माइंस की कंट्रोलिंग एक कमरे में बैठ कर की जा सकेगी। चाहे प्रोडक्शन हो, पर्यावरण हो या फिर कर्मचारी... सबकी मॉनिटरिंग एक साथ ऑनलाइन होगी। यही नहीं, इस तकनीक की सहायता से माइंस के अंदर का खतरा भी पहले मालूम चलेगा। हादसा होने पर रेस्क्यू टीम एक-एक कर्मचारी तक पहुंच पाएगी। डिजास्टर के वक्त मैनेजर सहित सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को स्वत: मैसेज पहुंचेगा। 

1) कैसे करेगा काम : डिजिटल माइनिंग के लिए थ्रीडी मॉडल बनेगा

डिजिटल माइनिंग के लिए पूरे माइंस का थ्रीडी मॉडल बनाया जाएगा, जिसे वर्चुअल माइंस भी कहते हैं। सेंसर माइंस में लगाए जाएंगे और उससे मिलने वाले डाटा का इस्तेमाल सरफेस पर डिजिटल माइंस में ग्राफिकल कर ऑनलाइन डिस्पले किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के साथ-साथ कुछ हार्डवेयर भी तैयार किए जा रहे हैं। 

1. माइंस के अंदर और बाहर रखी जाएगी नजर 
माइंस के अंदर और बाहर 24 घंटे की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। वहां काम करने वाले हर व्यक्ति को भी कंट्रोल रूम से देखा जा सकेगा। उन्हें आदेश दिया जा सकेगा। परेशानी होने पर हर कर्मी व्यक्तिगत तौर पर मदद मांग सकेगा। हर कर्मी के पास एक डिवाइस होगा। इसमें इमरजेंसी बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को मालूम चल जाएगा कि संबंधित कर्मी परेशानी में है। कर्मी से वायरलेस वाइस कम्युनिकेशन के जरिए बातचीत भी हो पाएगी। 
2. डिस्पैच की भी होगी ऑनलाइन मॉनीटरिंग 
डिजिटल माइनिंग में प्रोडक्शन और डिस्पैच की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। सभी एरिया की स्टोर इंवेंटरी सिस्टम तैयार की जाएगी। इससे किस एरिया में कौन सा सामान कितना बचा है... मालूम होता रहेगा। जरूरत अनुसार सामान की खरीदारी करने के लिए डाटा मिलेगा। मशीनों में सेंसर लगा होगा, जिससे हर मशीन की हालत का पता चल पाएगा। मशीनें कितने घंटे चली, नही चली तो क्यों नहीं चली. यह सबकुछ जानना संभव होगा। 
3. पर्सनल मैनेजमेंट सिस्टम का लाभ 
माइंस में काम करने वाले हर कर्मी/पदाधिकारी का पदवार विवरण रहेगा। उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। किसने कब और कौन-कौन सी सीएल, ईएल, मेडिकल जैसी छुट्टियां ली है, इससे संबंधित जानकारी ऑनलाइन मिलेगी। इसके अलावे विभिन्न विभागों में भेजा जाने वाला हर फॉर्म भी ऑनलाइन हो जाएगा। जिससे लंबी कागजी प्रक्रिया से कर्मचारियों को छुटकारा मिल जाएगा। ( सिंफर के साइंटिस्ट डॉ. एसके चौल्या से बातचीत पर आधारित) 

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- आर्थिक दृष्टि से आज का दिन आपके लिए उपलब्धियां ला रहा है। उन्हें सफल बनाने के लिए आपको दृढ़ निश्चयी होकर काम करना है। आज कुछ समय स्वयं के लिए भी व्यतीत करें। आत्म अवलोकन करने से आपको बहुत अधिक...

और पढ़ें