उप राजधानी में सर्दी-खांसी के इलाज का भी इंतजाम नहीं

Dhanbad News - सिदो-कान्हू, चांद-भैरव की धरती... दुमका। राज्य की उप राजधानी और संथाल परगना का प्रमंडलीय मुख्यालय भी है। पानी,...

Dec 04, 2019, 08:40 AM IST
Dhanbad News - there is no arrangement for treatment of cold and cough in the sub capital
सिदो-कान्हू, चांद-भैरव की धरती... दुमका। राज्य की उप राजधानी और संथाल परगना का प्रमंडलीय मुख्यालय भी है। पानी, रोजगार और पलायन की समस्या तो है ही, लेकिन सेहत की तस्वीर काफी भयावह है। स्थिति यह है कि सर्दी-खांसी बढ़ जाए तो उसके इलाज का भी यहां इंतजाम नहीं है। वैसे सरकारी असपताल हैं, मेडिकल कॉलेज भवन बन चुका है, लेकिन लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सभी तरह के रोगों के इलाज के लिए आज भी प. बंगाल के अस्पतालों पर निर्भरता है। हर चुनाव में यह मुद्दा होता है। इस बार भी है। यहां से भाजपा प्रत्याशी डॉ. लुईस मरांडी निवर्तमान समाज कल्याण मंत्री हैं। वहीं प्रतिद्वंद्वी के रूप में झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन हैं, जिनकी प्रतिष्ठा दांव पर है। यह सीट मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी हुई है, क्योंकि उन्होंने यहां पैठ बनाने के लिए रघुवर दास ने 100 से अधिक सभाएं की हैं। झाविमो प्रत्याशी डॉ. अंजुला हेम्ब्रम भी मैदान में हैं, जो मुकाबला को दिलचस्प बनाएंगी।

दो हिस्सों में बंटा है वोट

दो प्रखंड मसलिया व दुमका हैं, जहां शहरी और ग्रामीण वोटर दो हिस्से में बंटे है। ग्रामीण मत झामुमो को, जबकि शहरी मत भाजपा को मिलते हैं। झाविमो इन दोनों हिस्सों के वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए सेंधमारी कर सकता है।

चिंता...अस्पतालों में सुविधा नहीं, बंगाल पर आसरा

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भवन बनकर तैयार है, लेकिन लोगों को लाभ नहीं।

1 भ्रष्टाचार : सरकारी योजनाओं में बिचौलिए हावी हैं। इससे लाभुक योजना से वंचित रह जाते हैं और पैसे की बंदरबांट हो जाती है। गुणवत्तापूर्ण काम भी नहीं होता है।

3 पलायन: उद्योग-धंधे नहीं रहने से लोग रोजगार के लिए दूसरों राज्यों में जाने को विवश हैं। सिंचाई सुविधा नहीं है, जिससे किसान मजदूरी के लिए बाहर जाते हैं।

2014 : लुईस मरांडी, भाजपा- 69760, हेमंत साेरेन, जेएमएम- 64846, बबलू मुर्मू, जेवीएम- 4531, 2009 : हेमंत, जेएमएम-35065, लुईस, भाजपा- 32259, स्टीफन मरांडी, कांग्रेस, 27072, 2005 : स्टीफन, निर्दलीय- 41269, माेरहील मुर्मू, भाजपा-35952, हेमंत साेरेन, जेएमएम- 19608

3 चुनावों का सक्सेस रेट

वोटर्स बोले...कागज जमा करने पर भी सुविधा नहीं


2 स्वास्थ्य: डॉक्टर और जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है। छोटी-मोटी बीमारी के इलाज के लिए भी बंगाल पर निर्भर हैं। मेडिकल कॉलेज का लाभ नहीं मिल रहा है।

4 पेयजल : ग्रामीण क्षेत्रों में घोर संकट है। गर्मी में ग्रामीणों को कई किमी दूर से पानी लाना पड़ता है। हिजला जलापूर्ति योजना भी शहर के लिए नाकाफी है।


भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट

फ्लाईओवर का लॉलीपॉप रोड जाम से जिंदगी परेशान

धनबाद सेे विकास सिंह

मुंबई के बाद रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला धनबाद। झारखंड-बिहार में पटना व रांची के बाद सबसे ज्यादा आयकर देने वाला शहर, जिसका 35 फीसदी हिस्सा राज्य को मिलता है। बीसीसीएल ही हर साल 200 करोड़ बाजार फीस के रूप में राज्य को देता है। फिर भी धनबाद के हिस्से क्या है...हर रोज सड़क जाम, पानी के लिए तड़प, हर पल जहरीली हवा में सांस लेने की बेबसी, बाधित बिजली और इलाज के लिए भटकने की विवशता। जाम से निबटने के लिए शहर में फ्लाईओवर का लॉलीपॉप हर चुनाव में थमाया जाता है। सड़क पर निकलने वाला हर आदमी जाम से परेशान है। कोलियरी इलाकों में तो एक डेगची पानी के लिए लोग घंटों कतार में रहते हैं। पीएमसीएच की दुर्दशा गरीबों के लिए मुसीबत है। प्रदूषण ऐसा कि चंद मिनट में ही कपड़े काले हो जाते हैं। अब धनबाद की सियासी तस्वीर पर बात। भाजपा ने निवर्तमान विधायक राज सिन्हा पर फिर विश्वास जताया है। वहीं कांग्रेस ने भी अपने पुराने दिग्गज मन्नान मल्लिक को मुकाबले पर खड़ा किया है। 30 सालों से इन दोनों के पास ही यह सीट रही है।

भाजपा व कांग्रेस के बीच ही रही इस सीट पर कब्जे के लिए झाविमो के सरोज सिंह, आजसू के प्रदीप मोहन सहाय, जदयू के पिंटू कुमार सिंह और मासस के वीरू आनंद जोर-आजमाइश में लगे हुए हैं। ताकि दोनों का एकाधिकार तोड़ा जा सके।

धनबाद
एकाधिकार तोड़ने की जुगत

अव्यवस्था...अतिक्रमण ने रोकी राह, रेंगते हैं वाहन

ये है जाम का नजारा... रोज लोगों का समय और ईंधन दाेनों बर्बाद होता है।

1 जाम: शहर में जाम बड़ी समस्या है। सड़कें चौड़ी जरूर हुईं, परंतु अतिक्रमण के कारण वाहन रेंगते हैं। वक्त और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं। फ्लाईओवर अब भी सपना है।

3प्रदूषण : गोधर, करकेंद, केंदुआ, पुटकी, भागाबांध, धनसार में प्रदूषण के कारण सांस लेना भी दूभर है। लोग प्रदूषणजनित रोगों से पीड़ित हो रहे हैं।

2014 : राज सिन्हा (भाजपा) 132091, मन्नान मल्लिक (कांग्रेस) 79094, रमेश राही (झाविमो) 4195, 2009 : मन्नान मल्लिक (कांग्रेस) 55641, राज सिन्हा (भाजपा) 54751, नीरज सिंह (निर्दलीय) 17801, 2005 : पीएन सिंह (भाजपा) 83692, मन्नान मल्लिक (कांग्रेस) 62012

3 चुनावों का सक्सेस रेट

वोटर्स बोले...हमारे हिस्से जाम, पानी संकट व प्रदूषण


2पेयजल : शहर के एक हिस्से में मैथन डैम से वाटर सप्लाई हाेती है। वह भी अनियमित। वहीं कोलियरी क्षेत्रों में पानी के लिए लोगों का संघर्ष सुबह से शुरू हो जाता है।

4स्वास्थ्य : पीएमसीएच में न डॉक्टर नियमित बैठते हैं और न दवाएं मिलती हैं। शाम में ज्यादातर मरीज रेफर होते हैं। सदर अस्पताल भी कागजों पर ही चल रहा।


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