बार काउंसिल-डिग्री को हम क्यों दे मान्यताविवि-अलग होने की तिथि से चाहिए मान्यता
बार काउंसिल अाॅफ इंडिया की छह सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को बीबीएमकेयू का निरीक्षण किया। टीम का नेतृत्व कर रहे जस्टिस सीएस खंडपाल ने कहा कि विवि को बार काउंसिल अाॅफ इंडिया निरीक्षण से पूर्व ली गई परीक्षा को मान्यता क्यों दे, नियम के तहत टीम निरीक्षण की तिथि के बाद होने वाली परीक्षाअों को ही मान्यता देगी। जवाब में कुलपति डाॅ अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय से अलग होने के बाद बीबीएमकेयू पर धनबाद अौर बोकारो में संचालित सभी काॅलेज अौर वहां नामांकित छात्र-छात्राअों की जिम्मेवारी बन गई थी। एेसे में उक्त छात्रों की परीक्षा कौन लेता। छात्रों के भविष्य को देखते हुए विवि प्रशासन की अोर से परीक्षा अायोजित की गई थी। हालांकि विवि प्रशासन की अोर से प्रक्रिया के तहत बार काउंसिल अाॅफ इंडिया को निरीक्षण शुल्क जमा करते हुए टीम भेजने का अाग्रह भी किया था। स्टेट यूनिवर्सिटी होने के नाते विवि को इतना अधिकार प्राप्त है। विवि के जवाब से बार काउंसिल अाॅफ इंडिया की टीम संतुष्ट दिखी। टीम में डीके शर्मा, डाॅ पीके सिंह, प्रो डीएन मिश्रा, डीएसडब्ल्यू डाॅ एलबी सिंह आदि थे।
बाॅयोमैट्रिक्स मशीन देख टीम ने उठाए सवाल
बार काउंसिल अाॅफ इंडिया की टीम ने विवि में बाॅयोमैट्रिक्स मशीन देख सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में भी इस मशीन का इस्तेमाल हो रहा है क्या, जवाब में विवि प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में सभी पदाधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारियों को रजिस्टर में मैनुअली उपस्थिति बनाने का अादेश दिया गया है। मशीन पहले से ही स्थापित है। इसके बाद टीम के सदस्यों ने विवि अौर परीक्षा विभाग, स्ट्रोंग रूम, भंडार कक्ष, डाटा सेंटर अाॅदि में लगे सीसीटीवी कैमरे की भी जांच की। टीम के सदस्यों ने विवि प्रशासन को कई अन्य सुधाव भी दिए।
5 वर्षीय कोर्स के लिए लाॅ काॅलेज से संतुष्ट दिखी टीम
बीबीएमकेयू में रुकने के बाद टीम लाॅ काॅलेज पहुंची। टीम के सदस्यों ने लाॅ काॅलेज में क्लास रूम, मूड कोर्ट, लाइब्रेरी समेत अन्य का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने काॅलेज प्रशासन से बार रिव्यू मैग्जीन की मांग की। काॅलेज प्रशासन की अोर से मैग्जीन की कुछ काॅपियां उपलब्ध करवाते हुए टीम को काॅलेज प्रशासन ने संतुष्ट किया कि वह काॅलेज में सभी तरह की अाधारभूत अौर जरूरी अावश्यकताअों को पूरा किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से बात करते टीम के अधिकारी।