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शौचालय को गोदाम बना खुले में करते थे शौच, दो ने भरा जुर्माना

दुलमी प्रखंड को खुले से शौच मुक्त प्रखंड घोषित कर दिया गया है। इसके लिए प्रखंड के सभी घरों में शौचालय निर्माण भी...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 02:25 AM IST
दुलमी प्रखंड को खुले से शौच मुक्त प्रखंड घोषित कर दिया गया है। इसके लिए प्रखंड के सभी घरों में शौचालय निर्माण भी करवाया गया है, परंतु जागरुकता की कमी के चलते ग्रामीण शौचालय का उपयोग न कर अभी भी खुले में शौच कर रहे हैं। इसका खुलासा स्वच्छाग्रहियों की जांच में हुआ है।

प्रखंड के पोटमदगा गांव में गुरुवार को स्वच्छाग्रही टीम द्वारा शौचालय उपयोगिता की जांच में पाया गया कि सरकारी राशि से निर्मित कई शौचालयों को सामान रखने के उपयोग में लाया जा रहा है। इसमें जलावन के लिए लकड़ी, कोयला व अन्य सामान रखे गए हैं। टीम ने बताया कि इन शौचालय का प्रयोग स्टोर रूम के रूप में कर लोग खुले में शौच कर रहे हैं। मॉर्निंग फॉलोअप कर रही टीम ने कई लोगो को खुले में शौच करते हुए पकड़ा भी। उन्हें आर्थिक दंड देते हुए चेतावनी भी दी गई। टीम का नेतृत्व कर रही जल सहिया मीणा देवी ने बताया कि मॉर्निंग फॉलोअप के दौरान कई शौचालय को स्टोर रूम के रूप में प्रयोग करते हुए देखा गया। जांच के बाद इसे खाली करवा दिया गया है। साथ ही ऐसे ग्रामीणों को चेतावनी भी दी गई है। वही खुले में शौच करने और शौचालय का उपयोग स्टोर रूम के रूप में करने पर पोटमदगा के किशोरी केवट, सुरेश केवट को आर्थिक दंड स्वरूप 50-50 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

शौचालय का उपयोग नहीं करने पर दूसरे लाभ भी नहीं मिलेंगे

स्वच्छाग्रही टीम ने मॉर्निंग फॉलोअप के बाद मुखिया रमेश बेदिया की अध्यक्षता में पोटमदगा के ग्रामीणों के साथ बैठक की गई। इसमें शौचालय उपयोगिता और खुले में शौच सहित स्वच्छता को लेकर चर्चा की गई। साथ ही बैठक में जल सहिया मीणा देवी ने बताया कि जिनके द्वारा शौच के लिए शौचालय का उपयोग नहीं करते है तो उन्हें आर्थिक दंड के साथ साथ सरकारी योजना का भी लाभ नहीं दिया जाएगा। मौके पर स्वच्छता ग्रही मीना देवी, मालती देवी, सरिता देवी, गीता देवी, विकास कुमार, मनोज प्रजापति, जितेंद्र कुमार, प्रदीप भोगता, जितेंद्र चौधरी, सुभाष महतो, गोपाल कु महतो मौजूद थे।

शौचालय में रखे सामान को निकलते स्वच्छाग्रही।

खुले में शौच करने वालों से आर्थिक दंड वसूलती जल सहिया।