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इलाज के नहीं थे पैसे, परिजन अस्पताल से मरीज को ले आए थे घर, हो गई मौत

गालूडीह के बागालगोड़ा के एक होनहार युवक की पैसे और इलाज के अभाव में मौत हो गई। सरकारी अस्पताल व्यवस्था फेल रहने के...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:15 AM IST
गालूडीह के बागालगोड़ा के एक होनहार युवक की पैसे और इलाज के अभाव में मौत हो गई। सरकारी अस्पताल व्यवस्था फेल रहने के कारण उसे जमशेदपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन दिनों के अंदर उसका बिल 80 हजार के पार हो गया। परिजन घर के जेेवरात, बैल व बकरी बेचकर बिल तो चुका दिया पर मरीज को बिना ठीक हुए घर वापस ले आए। यहां इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। गालूडीह थाना क्षेत्र की जोड़िसा पंचायत के बागालगोड़ा निवासी रवींद्र नाथ महतो के पुत्र तपन महतो (30) का मंगलवार की देर रात इलाज के अभाव में मौत हो गई। सरकारी अस्पताल गालूडीह का हाल खस्ता है। इस संबंध में तपन महतो के परिजनों ने बताया कि 24 फरवरी को तपन को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। उसके बाद उसे गालूडीह के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। बाद में चिकित्सकों ने उसे टीएमएच रेफर कर दिया। टीएमएच में जगह नहीं मिलने पर उसे निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जिसमें तीन दिनों में नर्सिंग होम ने 80 हजार रुपए का बिल बना दिया। आगे अस्पताल का बिल चुकाने में असमर्थ होने के कारण परिजन सोमवार को 2 बजे अस्पताल से घर ले आए। रात को रवींद्रनाथ ने दम तोड़ दिया। अगर उसके पास पैसे होते तो उसकी जान बच सकती थी। उसकी मृत्यु से पूरा गांव शोकाकुल है, मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। रवींद्र अपने पीछे प|ी कल्याणी महतो व पुत्री मधुमिता महतो को छोड़ गए हैं।

सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे गरीब की भी जान बच सके : कल्याणी

मृतक की प|ी कल्याणी महतो ने कहा कि उसके पति की मौत केवल पैसे केे अभाव में हो गई। वह जीवन भर के दुख देकर चले गए। सरकार कोई ऐसी व्यवस्था करें ताकि किसी गरीब की जान पैसे के अभाव में नहीं जा सके। पति के इलाज में सब कुछ बेच दिया, पर कोई फायदा नहीं हुआ।

प|ी कल्याणी व पुत्री मधुमिता महतो।