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माताएं बच्चों के लिए शिक्षा एवं संस्कार की होती हैं प्रथम पाठशाला : संरक्षक

सरस्वती विद्या मंदिर भलपहरी ताराटांड में रविवार को मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। उपस्थित महिलाओं को शिक्षा के...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:25 AM IST
सरस्वती विद्या मंदिर भलपहरी ताराटांड में रविवार को मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। उपस्थित महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूकता तथा बेहतर शैक्षणिक माहौल पर चर्चा की गई। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विद्यालय के संरक्षक प्रवीण कुमार चौधरी ने महिलाओं को बालिका शिक्षा पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माताएं छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा एवं संस्कार की प्रथम पाठशाला होती है जहां से बच्चों को संस्कार मिलता है।

उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए संस्थापक प्रयासरत हैं पर उनका प्रयास तभी सार्थक होगा जब बच्चों की माताएं उनके अभिभावक बच्चों के बेहतरी के लिए उनके बेहतर शिक्षा के लिए प्रयासरत होंगी। उन्होंने कहा कि अभिभावक व माताएं बच्चों की शिक्षा पर नजर रखें। उन्हें वो संस्कार दें जिससे छात्राएं बेहतर शैक्षणिक माहौल स्थापित कर समाज व देश में नाम रोशन कर सकें। मौके पर उपस्थित पूर्व प्रधानाध्यापक नंद किशोर पंडित, वर्तमान प्रधानाध्यापक जीतन पंडित, जागेशवर पंडित, कुंडलवादह पंचायत की मुखिया मीना देवी समेत कई महिलाओं ने छात्र-छात्राओं के बेहतर शिक्षा के लिए विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व दीप प्रज्ज्वलित कर मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। बाद में विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़ कर एक नृत्य संगीत समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौके पर विद्यालय के अध्यक्ष वंशीधर मंडल, सचिव गौरी शंकर यादव, सुजीत राम, जागेशवर पंडित, पवन कुमार अग्रवाल, मीना देवी, अंजू देवी, ज्योति देवी, आभा देवी समेत कई महिलाएं उपस्थित थीं।

मातृ सम्मेलन पर कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्रा।