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कोरोना को लेकर बायोमीट्रिक हाजिरी पर रोक

एक वर्ष पहले
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चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस भले ही झारखंड में अपनी पकड़ नहीं बना पाया है। मगर इस वायरस का प्रकोप कहें या इसका भय इसने सरकार के कामकाज पर भी हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सरकारी कर्मियों के लिए नया आदेश जारी किया है। सरकार के उप सचिव चंद्र भूषण प्रसाद द्वारा जारी अधिसूचना में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए सरकारी कर्मियों के बायोमिट्रिक हाजिरी बनाने पर अस्थायी तौर पर रोक लगाने को कहा गया है। साथ ही जब तक अगला आदेश जारी नहीं किया जाता तब तक सभी कर्मी मैनुअल उपस्थिति दर्ज कराएंगे। मालूम हो कि वर्ष 2015 में आधार आधारित बायोमिट्रिक उपस्थिति नियमावली का गठन किया गया है। इसके बाद सभी सरकारी कर्मियों को उभयकाल दैनिक उपस्थिति बायोमिट्रिक सिस्टम से बनाना अनिवार्य है। मगर चीन के बाद विश्व में के कई देशों के साथ भारत में कोरोना की दस्तक को देखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है। चूंकि कोरोना वायरस का प्रसार मैन टू मैन होता है तथा बायोमिट्रिक हाजिरी से भी यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है। इसलिए सरकार ने सरकारी कर्मियों के बायोमिट्रिक प्रणाली से हाजिरी बनाने की अनिवार्यता अस्थायी तौर पर खत्म कर दिया है। अब कर्मी मैनुअल तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। इस संबंध में उपायुक्त हर्ष मंगला का कहना है कि सरकार ने कोरोना को देखते हुए एहतियात के तहत उक्त निर्देश जारी किया है। निर्देश का अनुपालन किया जाएगा।

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