अध्यक्ष ने बांकी नदी के उद््गम स्थल की जांच की
बांकी प्रवाह परिषद के अध्यक्ष याज्ञवलक्य शुक्ला ने गुरुवार को परिषद के पदाधिकारियों के साथ बांकी नदी के उद्गम स्थल का दौरा कर नदी के हालात का जायजा लिया। दौरा के क्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुये श्री शुक्ला ने कहा कि आज उन्हें बांकी नदी के उद्गम स्थल पर जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज भी बांकी का उद्गम स्थल से प्रवाह अविरल है। आगे मार्ग में मानव जनित बाधाओं ने अवश्य नदी प्रवाह को बाधित कर रखा है। ये नदी सिर्फ मात्र एक नदी नही है। यह एक “संस्कृति एवं समृद्धि “का प्रतीक है। श्री शुक्ला ने कहा कि बांकी नदी प्रवाह क्षेत्र में नदी किनारे कई दुर्लभ वनस्पति देख कर इसकी महत्ता को समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिषद बांकी नदी के तट के सभी गांवों के निवासियों से अपील करते हुये कहा कि नदी को पुनर्जीवन के लिये किये जा रहे प्रयास से लोग अवश्य जुड़े। उन्होंने कहा कि नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये बीपीपी (बांकी प्रवाह परिषद) पहले संवाद, फिर समन्वय एवं आवश्यकता पड़ी तो जलक्रांति के लिये संघर्ष करेगी। उस मौके पर परिषद के प्रवक्ता धीरेंद्र चौबे, महासचिव कमलेश पांडेय, प्रशांत चौबे आदि लोग मौजूद थे।