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पारंपरिक व उल्लासपूर्ण वातावरण में मनी होली

एक वर्ष पहले
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मुख्यालय सहित सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रंगों का त्योहार होली पूरे पारंपरिक और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। जहां लोग परंपरा के अनुसार होलिकादहन के राख से तिलक लगाकर होली की शुरुआत के साथ ही रंग और अबीर-गुलाल के तिलक लगाकर होली खेली गई। इसमें बच्चे,युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हुए। होली को लेकर ज्यादा उत्साहित बच्चे थे,जो सुबह से ही बम पटाखे और रंग अबीर में लिपटाए हुए थे। तो युवा वर्ग डीजे में बज रहे भोजपुरी गीत संगीत की धुन पर दिन भर थिरकते रहे।वहीं टाउनशिप दुर्गा मंदिर परिसर में परंपरा के अनुसार आगंतुकों के लिए होली के दिन मंदिर कमेटी द्वारा दुधयुक्त भांग का शर्बत और मालपुवा प्रसाद के तौर पर व्यवस्था किये गए थे। साथ ही दिनभर ढोलक-झाल और मजीरा पर भजन कीर्तन का दौर चलता रहा। जबकि होली के पूर्व संध्या में होलिकादहन कार्यक्रम किया गया,जिसमें लोग इकट्ठे होकर होलिकादहन करके फाग के गीत गाये। वहीं कोई किसी को भी दिक्कत न आये इसके लिए प्रशासन सघन गश्ती करती रही। मौके पर प्रदीप चौबे, गणेश सिंह, प्रमोद सिंह,उदय उजाला, अरुण सिंह, ध्रुवनारायण दुबे, मुकेश शुक्ला, मनोज गुप्ता, चंदन दुबे, देवकुमार राम आदि कीर्तन मंडली उपस्थित थे।

अबीर-गुलाल के तिलक लगाकर होली खेलते लोग।
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