पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दुष्कर्म मामले में एससी-एसटी एक्ट नहीं लगाना गलत : डॉ. पासवान

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जिले के मेराल थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक नाबालिग किशोरी साथ 2 मार्च को हुए दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है। इसे लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ योगेंद्र पासवान ने गुरुवार को मेराल थाना क्षेत्र के उस गांव का दौरा कर किशोरी के परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली। इसके पश्चात गढ़वा परिसदन में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ योगेंद्र पासवान ने कहा कि मीडिया से सामूहिक दुष्कर्म के बारे में मिली जानकारी के बाद आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में एससी एसटी एक्ट लगाया जाना चाहिए तथा मुकदमे का जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी को बनाया जाना चाहिए था। लेकिन इस मामले में एससीएसटी एक्ट नहीं लगाया गया है। वहीं एएसआई को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक को इस मामले में स्वयं जांच करने तथा 15 दिनों में जांच रिपोर्ट को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। एक सवाल के जवाब में डॉ योगेंद्र पासवान ने कहा कि आयोग पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।

खबरें और भी हैं...