अधिक समय तक जलजमाव गेहूं के लिए हानिकारक : डॉ. अशोक
जिले में हो रही बारिश के कारण फसल लगे खेतों में भी पानी भर गया है। इससे फसलों के नुकसान होने से उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक समय तक जलजमाव को गेहूं की फसल के लिए भी हानिकारक है। इस स्थिति से निपटने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल लगे खेतों से पानी को निकालने की सलाह दे रहे हैं। केवीके के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार के अनुसार खेतों में लगे चना, मसूर, मटर, प्याज व अन्य सब्जियों के साथ ही गेहूं आदि फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेत से हरहाल में पानी निकाल देना होगा। उन्होंने बताया कि पानी निकाल देने पर नुकसान की संभावना कम होगी। गेहूं के फसल में में भी 12 घंटे से अधिक समय तक पानी जमा होने पर पौधे सूख सकते हैं। गेहूं के पौधे की जड़ों में हवा का संचार होना आवश्यक होता है। अधिक समय तक जलजमाव रहने से गेहूं के पौधे के जड़ खराब होकर पौधे सूख जाएंगे। वहीं पक चुके मसूर, सरसों आदि की कटाई मौसम साफ होने के साथ ही कर दिया जाना चाहिए। देर से कटाई करने पर बालियों के सूखने पर खेत में ही अनाज झड़ने लगेंगे।