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नवकुंजधाम में दिखी वृंदावन की झलक, तीसरे दिन तक झारखंड सहित तीन राज्यों से 5000 से अधिक भक्त पहुंचे

एक वर्ष पहले
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दारीसाई नवकुंजधाम में आयोजित नौ दिवसीय महोत्सव के तीसरे दिन भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। शुक्रवार तक यहां तीन राज्य झारखंड, बिहार और अोडिशा से 5 हजार से ज्यादा भक्त पहुंच चुके थे। आयोजन स्थल पर तिल रखने की जगह नहीं बची। नवकुंजधाम में वृंदावन की झलक दिखी।

यहां करीब 600 सदस्यों द्वारा अनवरत कीर्तन से इलाका गुंजायमान है। प्रत्येक टीम एक कुंज में 25 मिनट तक कीर्तन कर रही है। इस तरह एक टीम नौ कुंज में घूम-घूमकर कीर्तन कर रहे हैं। इसे आयोजन के संचालन के लिए केन्द्रीय कमेटी सहित कुल 14 कमेटी बनाई गई है, जिसमें 500 सदस्य शामिल हैं। भक्तों के बीच लगातार प्रसाद वितरण के लिए करीब 60 से ज्यादा रसोइए लगाए गए हैं। हर दिन करीब 10 क्विंटल चावल की खपत हो रही है।

नवकुंज में नौ दिनों तक 24 घंटे कीर्तन चलेेगा। यहां मुख्य मंदिर के चारों ओर 8 कुंज बनाए गए हैं। सभी कुंज को अलग-अलग नाम दिया गया है। इनमें क्रमश: सुदेवी, रंगदेवी, इंदुलेखा, विंदादेेवी, चंपललता, ललिता, विशाखा तथा चित्रा नाम दिया गया है। ये सभी राधा की सखियां थीं।

भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की यहां तैनाती कर दी गई है। यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। करीब 330 दुकानें यहां लगायी गयी है। वाहनों के लिए दो पार्किंग स्टैंड भी बनाए गए हैं।


बड़े धाम में तब्दील हुई बंजर भूमि

केन्द्रीय कमेटी के बासंती प्रसाद सिंह ने बताया- एक समय यह बंजर भूमि थी। अब बड़े धाम में तब्दील हो गया है। दारीसाई में पहली बार 1969 में बाबा विनय दास ने धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। उसके बाद छोटे स्तर पर अनुष्ठान होता अाया है। इस साल नवकुंज तैयार होने के बाद बड़ेे पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है। बसंत और सावन-भादो में यहां की हरियाली आंखों को शीतलता प्रदान करती है।

आशीर्वाद लेने के लिए लगी रही कतार

नवकुंज में 20 मार्च तक 24 घंटे चलेगा संकीर्तन

बाबा विनय दास से आशीर्वाद लेने के लिए दोपहर से शाम तक भक्तों की कतार लगी रही। इस आयोजन की खास बात यह है कि कार्यक्रम को लेकर 9 दिनों तक आसपास के गावों में लोगों द्वारा मांसाहार का सेवन नहीं किया जाता है।


गालूडीह : नवकुंज मंदिर में रखी प्रतिमाअाें काे देखते लाेग।

गालूडीह : नवकुंज मंदिर में पूजा अर्चना करते पुजारी।

नवकुंज मंदिर में भक्ताें काे अाशीर्वाद देते पुजारी विनय दास बाबा।

राधा कृष्ण की सजाई गई प्रतिमा।
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