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नरसिंहपुर में हाथियों ने मिट्टी का घर तोड़ा अंदर साे रही तीन महिला-दाे बच्चे दबे, रेफर
घाटशिला अनुमंडल के विभिन्न इलाके में रह-रहकर हाथी उत्पात मचा रहे हैं। गुरुवार देर रात जंगली हाथियों ने घाटशिला के बाघुड़िया पंचायत अंतर्गत नरसिंहपुर, गुड़ाझाेर और डुमकाकाेचा गांव में उत्पात मचाया। हाथियों द्वारा नरसिंहपुर में एक घर क्षतिग्रस्त किए जाने से अंदर साे रही तीन महिलाएं और दाे बच्चे जख्मी हाे गए। घायलों को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी काे एमजीएम हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने सबसे पहले गुरुवार रात करीब 11 बजे डुमकाकाेचा गांव में प्रवेश किया। इस गांव में प्रमाेद सिंह के घर काे ताेड़कर हाथी एक बाेरा धान चट कर गए। फिर पड़ाेसी भरत सिंह के घर काे हाथियों ने क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। ग्रामीणाें ने एकजुट होकर हाथियों काे खदेड़ दिया। वहां से हाथियों का झुंड़ शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे नरसिंहपुर बस्ती पहुंचा। यहां हाथियों ने सुधीर सिंह के मिट्टी के घर को तोड़ दिया। सुधीर सिंह ने बताया- घर में दो कमरे हैं। एक कमरे में वे बेटे धनंजय के साथ सोए थे। दूसरे कमरे में बेटे की प|ी मोनिका सिंह, पोता राेहिन सहित दाे अतिथि महिलाएं और एक बच्चा साेया था। दाेनाें महिलाएं नवकुंज देखने गालूडीह अाए थे। हाथियों द्वारा घर की दीवार ताेड़े जाने से दूसरे कमरे में साे रहीं महिलाएं-बच्चे मलबे में दब गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर वे बेटे के साथ बाहर निकले ताे देखा- एक हाथी धान निकाल कर खा रहा है। हाथी ने बेटे धनंजय काे सूंढ से पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन किसी प्रकार वे दोनों बच निकले। इसके बाद हाथी दूसरी अाेर चला गया। शाेरगुल सुनकर आसपड़ोस के लोग जुटे। मलबे में दबी महिलाओं और बच्चों को निकाला गया। 108 एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। नरसिंहपुर में हाथियों ने तीन लोगों की आलू की खेती काे बर्बाद कर दिया। गुडाझाेर में भी फसल रौंद डाली।
ग्रामीण बोले- गांव की 10 एकड़ जमीन पर बना जंगल साफ करें
शुक्रवार सुबह सूचना मिलने पर रेंजर दिनेश कुमार दलबल के साथ नरसिंहपुर पहुंचे। उन्हाेंने ग्रामीणाें काे नुकसान की भरपाई और जख्मियाें के इलाज का खर्च देने की बात कही। ग्रामीणाें ने बताया- गांव की 10 एकड़ जमीन पर बनाया जंगल साफ कराने की मांग की। जंगल के कारण ही हाथी रात में गांव की अाेर प्रवेश करते हैं। वन विभाग की ओर से ग्रामीणाें काे हाथियों को भगाने के लिए कोई सुविधा नहीं दी गई है। इस पर रेंजर ने रात को क्यूअारटी और वन सुरक्षा समिति के लाेगों द्वारा ग्रामीणाें की सुरक्षा का ध्यान रखने का आश्वासन दिया। माैके पर मुखिया हुड़िंग सोरेन, भरत सिंह, संदीप सिंह, सुशांत सिंह, सुबाेध सिंह, ठाकुर दास, पप्पू सिंह, काला सिंह, सोनू सिंह आदि मौजूद थे।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों काे एमजीएम हॉस्पिटल रेफर किया गया
घायल मोनिका।
गांव के पास से जंगल हटाने की मांग करते नरसिंहपुर के ग्रामीण।
डुमकाकाेचा में प्रमाेद सिंह का क्षतिग्रस्त मकान देखते रेंजर।
कमरे में बेटे की प|ी मोनिका सिंह, पोता राेहिन सहित दाे अतिथि महिलाएं और एक बच्चा साेया था। दाेनाें महिलाएं नवकुंज देखने गालूडीह अाए थे। हाथियों द्वारा घर की दीवार ताेड़े जाने से दूसरे कमरे में साे रहीं महिलाएं-बच्चे मलबे में दब गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर वे बेटे के साथ बाहर निकले ताे देखा- एक हाथी धान निकाल कर खा रहा है। हाथी ने बेटे धनंजय काे सूंढ से पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन किसी प्रकार वे दोनों बच निकले। इसके बाद हाथी दूसरी अाेर चला गया। शाेरगुल सुनकर आसपड़ोस के लोग जुटे। मलबे में दबी महिलाओं और बच्चों को निकाला गया। 108 एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। नरसिंहपुर में हाथियों ने तीन लोगों की आलू की खेती काे बर्बाद कर दिया। गुडाझाेर में भी फसल रौंद डाली।
फरवरी में चाकुुलिया में हाथियों ने तीन लोगों की ली थी जान
फरवरी-2020 में हाथियों ने चाकुलिया में तीन लोगों की जान ले ली थी। चाकुलिया प्रखंड के सरडीहा पंचायत के गोहालडीह में दो दिन के अंतराल में सबर टोला में एक बच्चे सहित तीन को सूंढ में लपेटकर मार डाला था।