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पाठ्य पुस्तक क्रय कमेटी में टॉपर स्टूडेंट्स को शामिल करने का सुझाव

भास्कर न्यूज| घाटशिला राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के टॉपर अन्य...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:45 AM IST

पाठ्य पुस्तक क्रय कमेटी में टॉपर स्टूडेंट्स को शामिल करने का सुझाव
भास्कर न्यूज| घाटशिला

राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के टॉपर अन्य स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। ऐसे छात्र अनुकरणीय माने जाते हैं। यूनिवर्सिटी में सुधार की क्या आवश्यकता है। इसमें टॉपरों का सुझाव बेहतर साबित होगा। विवि और कॉलेजों में पाठ्य सामग्री के लिए बनी कमेटी में टॉपरों को भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे बेहतर परिणाम सामने आएंगे। वे बुधवार को राजभवन में राज्य के छह विश्वविद्यालयों के यूजी-पीजी टॉपरों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय, लैब की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सत्र नियमित रहे और बेहतर शैक्षणिक माहौल पर विशेष ध्यान दिया जाए। एकेडमिक कैलेंडर को हूबहू लागू किया जाए। सांस्कृतिक एक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे पहले अतिथियों का स्वागत करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन कुलकर्णी ने कहा कि टॉपरों के सुझाव मार्गदर्शन का कार्य करेंगे। इस अवसर पर रांची विवि के वीसी डॉ. रमेश कुमार पांडेय, डीएसडब्ल्यू डॉ. पीके वर्मा समेत सभी विवि के वीसी समेत अन्य अधिकारी थे। टॉपरों को टीचिंग के लिए प्रतिमाह मिलते हैं 15 हजार कुलाधिपति ने कहा कि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा पीजी के विषय वाइज टॉपरों की टीचिंग असिस्टेंट के पद नियुक्ति की गई है। इनका मानदेय प्रतिमाह चार हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार रुपए किया गया है। पीजी टॉपरों की नियुक्ति एक वर्ष के लिए की जाती है। उन्होंने कहा कि टॉपरों की टीचिंग असिस्टेंट के पद पर नियुक्ति विश्वविद्यालय का सराहनीय कदम है।

टॉपर्स टॉक में राज्यपाल ने विवि में सुधार के लिए छात्रों की जानी राय, कई बेहतर सुझाव सामने आए, छह यूनिवर्सिटी के यूजी और पीजी के टॉपर्स थे शामिल

केयू के 30 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

गवर्नर ने ये भी दिए निर्देश

लैब और लाइब्रेरी को विकसित किया जाए।

स्टूडेंट्स को रिसर्च के लिए प्रेरित करें।

बिना ठोस वजह के क्लास स्थगित नहीं हो।

छात्रों को असाइनमेंट समय पर दिया जाए।

डिबेट व सेमिनार में छात्रों की भागीदारी हो।

हिंदी मीडियम के अधिक स्टूडेंट हैं, इसलिए अंग्रेजी के लिए अलग क्लास संचालित हो।

मॉक इंटरव्यू का आयोजन हो, ताकि छात्रों का कम्युनिकेशन स्किल बेहतर हो सके।

केयू छात्रों ने डिजिटल क्लास रूम और रोजगार की उपलब्धता पर दिए कई तरह के सुझाव

कोल्हान विश्वविद्यालय की ओर से सबसे पहले तन्मय बनर्जी ने राज्यपाल से विवि व कॉलेजों में डिजिटल क्लास रूम की व्यवस्था की बात रखी। उन्होंने कहा कि बदलते वक्त में विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षा के डिजिटलाइजेशन के लिए क्लास रूम का डिजिटल होना बहुत जरूरी है। वहीं अमृता ने लाइब्रेरी व प्रयोगशाला को आधुनिक बनाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि आज कॉलेजों की पुस्तकालय किताबों की अभाव से जूझ रही हैं। इसके अलावा पूर्णिमा कुमारी ने आधारभूत संरचना को और बेहतर बनाने पर बल दिया। जबकि प्रियंका मजूमदार कहा कि कॉलेज से डिग्री लेने के बाद विद्यार्थियों को कैसे अधिक से अधिक रोजगार मिले इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि डिग्री लेने के बाद कोई विद्यार्थी बेकार न रहे। इसके अलावा चंचला, अभिषेक ने अपने सुझाव रखे।

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