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बिजली की झलक पाने के लिए अब भी 386 गांवों के लोग कर रहे इंतजार

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:45 AM IST

Ghatsila News - ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत घाटशिला अनुमंडल के छूटे गांवों तक बिजली पहुंचाने का काम कछुए की गति से चल रहा है।...

बिजली की झलक पाने के लिए अब भी 386 गांवों के लोग कर रहे इंतजार
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत घाटशिला अनुमंडल के छूटे गांवों तक बिजली पहुंचाने का काम कछुए की गति से चल रहा है। अनुमंडल में एक हजार 7 गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके बाद भी 386 गांवों के लोगों को बिजली की रोशनी की एक झलक पाने का इंतजार है। अब तक केवल 6221 गांवों तक ही बिजली पहुंच पाई है। इधर ग्रामीणों की माने तो केवल कनेक्शन दिया गया है। उनके घरों तक बिजली नहीं पहुंच पायी है।

इस साल 30 जून तक पूरा करना है काम

बिजली निगम की ओर से ईस्ट इंडिया उद्योग लिमिटेड को गांवों में बिजली पहुंचाने का ठेका दिया गया है। पहली अप्रैल 2016 को ठेका दिया गया था। इसका काम अप्रैल 2017 में ही पूरा करना था। कई तरह की परेशानियों का हवाला देते हुए कंपनी ने टाईम एक्सटेंशन की मांग की। उसके बाद जून 2018 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया। कंपनी के काम करने की गति इतनी धीमी है कि जून 2018 तक 386 गांवों तक बिजली पहुंचाना संभव नहीं लग पा रहा है। इधर ग्रामीण सपना देख रहे है कि उन्हें जून तक बिजली मिल जाएगी।

फैक्ट फाइल

कुल 1007 गांव में बिजलीकरण

30 जून 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य

621 अब तक हुए

386 गांव अभी बचे

इधर, 8 घंटे गुल रही बिजली , डीवीसी का टूटा तार

बुधवार की शाम आई आंधी के कारण शहर में 8 घंटे से ज्यादा समय से बिजली गुल है। निगम के जेई सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि मुसाबनी स्थित डीवीसी ग्रिड में इनकमिंग तार टूट जाने के कारण बिजली बाधित हो गयी है। कई स्थानों पर तार टूट गए हैं। तार जोड़ने के बाद देर रात बिजली आपूर्ति संभव हो पाएगी। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर में भी खराबी आ गई है। उसे दुरूस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। घाटशिला से मुसाबनी सब स्टेशन तक बिजली तार मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाने के कारण हर दिन आंधी के बाद बिजली तार टूटना आम बात है। आंधी आई मतलब 8 से 9 घंटे तक बिजली गुल रहना आम बात हो गयी है। बीते 15 दिनों से यह सिलसिला जारी है।

बिजली आपूर्ति के लिए लाए गए ट्रांसफॉर्मर।

इन गांवों में अब तक बिजली नहीं आई

गोलकाटा, गितिलता, हलुदपुखूर, दिगारसाई, धोबनी धीरोल, दामूडीह, गोरीन्दा सहित 386 गांव में बिजली नहीं पहुंच पायी है। बिजली के लिए लोग इतने उतावले है कि पोल गाडने से लेकर तार खिंचने तक ग्रामीण श्रमदान तक कर रहे हैं। उनका एक ही सपना है कि गांव में किसी भी तरह बिजली आ जाए।

घटिया उपकरण के उपयोग का आरोप

राज्य 20 सूत्री सदस्य लखन मार्डी ने उर्जा सचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि ईस्ट इंडिया उद्योग लिमिटेड द्वारा गांव में बिजलीकरण के नाम पर अत्यंत घटिया किस्म का उपकरण प्रयोग में लाया जा रहा है। फीट करते करते उपकरण टूट रहे हैं। यहीं नहीं हल्का आंधी पानी में इंसुलेटर फट जा रहे हैं। पोल टूटकर गिर रहे हैं। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन की मांग की गयी थी।

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