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समय पर नहीं हो सका केबलिंग और पोल बदलने का काम, भर गर्मी ऐसे ही होगी बिजली कटौती

कार्यपालक विद्युत अभियंता आनंद कौशिक ने बताया कि शहर में बिजली आपूर्ति नियमित करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 02:55 AM IST
कार्यपालक विद्युत अभियंता आनंद कौशिक ने बताया कि शहर में बिजली आपूर्ति नियमित करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। मुसाबनी से घाटशिला तक जर्जर तार बदलने तथा पोल बदलने का काम चल रहा है। आए दिन किसी न किसी कारण से व्यवधान होने पर काम धीमा हो गया है। यह काम पूरा होने के बाद बहुत हद तक बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिल जाएगी।

रात में बढ़ रहा है लोड

बिजली अधिकारियों ने दावा किया है कि रात 9:00 बजे के बाद रिहायशी क्षेत्रों में बिजली उपकरण व लाइट जलने की वजह से 5 से 8 मेगावाट बिजली की अधिक खपत हो रही है। इसलिए रात को भी बाध्य होकर लोड शेडिंग करनी पड़ रही है।

शहर को तीन सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके बाद भी कटौती करनी पड़ रही है। शहर को मुसाबनी, कीताडीह तथा धालभूमगढ़ सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जाती है। पूरे शहर तथा ग्रामीण इलाके में करीब 30 एमबीए डिमांड है। डीवीसी से केवल 15 एमवीए की मिल रही है। ऐसी ही हालात धालभूमगढ़ ग्रिड की है। वहां डिमांड के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है।

तीन सब स्टेशनों से शहर को बिजली सप्लाई

धरी की धरी रह गई अंडरग्राउंड केबलिंग की योजना

शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग की योजना धरी की धरी रह गई। बिजली कटौती से मुक्ति पाने के लिए इसर योजना की शुरुआत होनी थी। इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उसके बाद तय हुआ कि पोल पर ही केबलिंग की जाएगी। शहर के आसपास के इलाके में केबलिंग का काम शुरू हुआ, पर यह अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। शहर में मार्च तक इस योजना को पूरा करना था, लेकिन 10 फीसदी भी काम नहीं हो सका। यहीं कारण है कि आंधी तूफान के कारण हर दिन तार टूटकर गिर जाता है। रातभर लोगों को बिजली नहीं मिल पाती है।

मुसाबनी सब स्टेशन तक घाटशिला तक पुराने खंभे तथा तार बदलने का काम गर्मी के पूर्व ही शुरू किया जाना था। कई कारणों से यह काम देर से शुरू हुआ। अब हर दिन आंधी पानी तथा कुछ स्थानों पर ग्रामीणों के विरोध के कारण काम बंद हो गया है। शहर में बिजली आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधक मुसाबनी सब स्टेशन से घाटशिला तक जर्जर तार है। इसे बदलने का काम शुरू तो किया गया है पर काफी धीमी गति से चल रहा है। यहीं कारण है कि आंधी तूफान आने के बाद मुसाबनी से घाटशिला के बीच ही ज्यादातर तार टूटकर गिरता है। इन इलाकों में पुराने खंबे लगे हुए हैं, जो लोड नहीं संभाल पाते। हल्की हवा चलते ही तार टूट जाते हैं। इसे दुरुस्त करने के लिए घंटों बिजली काटनी पड़ती हैं।

पुराने खंभे और तार भी बड़ी समस्या

हूकिंग करने पर की जाएगी कार्रवाई: एसडीओ विद्युत

जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में टेंट हाउस के कारोबार काफी तेजी से चल रहा है । ये नियम को ताक में रहकर हुकिंग कर शादी विवाह और भी कार्यक्रम में बिजली का कनेक्शन जान को जोखिम में डाल कर जोड़ लेते हैं। इसमें निगम से पूर्व में अनुमति नहीं ली जाती है। जादूगोड़ा के एक टेंटहाउस का एक कर्मचारी राखा कॉपर में तिलक समारोह में हूकिंग का तार खोल रहा था, इसी क्रम में वह 1 लाख 32 हजार वोल्ट की चपेट में आ गया। हालांकि वह बाल बाल बच गया। इस मामले के संज्ञान में आने के बाद जादूगोड़ा के एसडीओ प्रशांत राज ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी लिखित अनुमति के अगर कोई हुकिंग कर के लाइन जोड़ता है तो उसके ऊपर कानूनी करईवाईकी जाएगी। अगर कोई भी दुर्घटना घटती है तो इसके लिए विद्युत विभाग की कोई जवाब देही नही होगी।