तापमान में उतार-चढ़ाव से फसलाें काे नुकसान नहीं
पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। खेतों में सरसों और गेहूं की फसल लहलहा रही है। सरसों में जहां फलियां अपने पकाव पर है, वहीं गेहूं के पौधे में दाने लगने को हैं। ऐसे में मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार यदि एक दो दिन में बारिश होती है तो फसलों के लिए वरदान साबित होगी। चाकुलिया प्रखंड स्थित माटियाबांधी गांव में पिंटू महतो, धीरेन महतो, डमन महतो, मुरारी मोहन महतो, उत्तम महतो, बामापद महतो, हेमंत महतो, मनिंदर नाथ महतो आदि किसानों ने अपने खेतों में लहलहा रही फसल को देखकर बेहतर पैदावार की उम्मीद जताई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ओले या अंधड़ नहीं आता है तो बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। मौसम में आ रहे बदलाव से फसलों को प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। पिछले कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव आ रहा है। लेकिन कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे फसलों को कोई नुकसान नहीं है। अभी तक फसलों में किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है। कृषि विभाग के अनुसार चाकुलिया प्रखंड में कुछ भागों में 12 घंटों में मध्यम दर्जे के मेघ गर्जन की संभावना है। प्रखंड के कुछ स्थानों पर अचानक तेज हवाओं का झोंका लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तथा वज्रपात की संभावना जताई है।
चाकुलिया प्रखंड में 323 हेक्टेयर में सरसों की खेती
चाकुलिया प्रखंड में 323 हेक्टेयर में सरसों की खेती हो रही है। अभी सरसों में फलियां आनी शुरू हो गई हैं। अगले एक माह के बाद सरसों कटाई के लिए तैयार हो जाएगी। इस दौरान यदि बारिश होती है तो फसल के लिए वरदान साबित होगी। वहीं प्रखंड क्षेत्र में 279 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है। वर्तमान में गेहूं की बालियां निकल रही हैं। ऐसे में बारिश होने की स्थिति में फसलों को अच्छी खुराक मिलेगी।
बुधवार तक ऐसा रहेगा मौसम
विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे फसलों को कोई नुकसान नहीं है। अभी तक फसलों में किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है। कृषि विभाग के अनुसार चाकुलिया प्रखंड में कुछ भागों में 12 घंटों में मध्यम दर्जे के मेघ गर्जन की संभावना है। प्रखंड के कुछ स्थानों पर अचानक तेज हवाओं का झोंका लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तथा वज्रपात की संभावना जताई है।
तिथि अधिकतम- न्यूनतम
} 8 मार्च 30.0 - 17.0
} 9 मार्च 32.0 -18.0
} 10 मार्च 32.0 -18.0
} 11 मार्च 32.0 - 19.0
अभी तक सरसों और गेहूं की फसल बेहतर स्थिति में है। किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है। यदि बारिश होती है तो इन फसलों के लिए सोने पे सुहागा जैसी स्थिति होगी। वहीं वर्तमान में जो मौसम की स्थिति है। इससे फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। ओले या अंधड़ से बच गए तो फसल बंपर होगी। -देव कुमार, कृषि पदाधिकारी
खेतों में लगी गेहूं की फसल को दिखाता किसान।