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झांटीझरना में सड़क-मोबाइल कनेक्टिविटी आज भी सपना

आजादी के 72 साल बाद भी घाटशिला प्रखंड का सुदूर ग्रामीण पंचायत झांटीझरना क्षेत्र के सभी गांव और टोलों में न मोबाइल...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 02:35 AM IST
Ghatsila - road mobile connectivity in jhantizharna still a dream
आजादी के 72 साल बाद भी घाटशिला प्रखंड का सुदूर ग्रामीण पंचायत झांटीझरना क्षेत्र के सभी गांव और टोलों में न मोबाइल नेटवर्क और न सड़क की सुगम व्यवस्था है। हर क्षेत्र में सरकार द्वारा एक तरफ जहां योजनाओं को डिजिटलाइजेशन की परिधि में ढाला जा रहा है। आवश्यक सरकारी डाटा को सर्वसाधरण के लिए आसानी से जानकारी प्राप्त करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं झाटीझरना पंचायत के लोग आज भी आधुनिक सुविधाओं से मरहूम हैं। घाटशिला से झाटीझरना को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति खस्ताहाल है। पंचायत के किसी भी गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। पंचायत क्षेत्र के राशन दुकानदार पॉश मशीन में राशन कार्डधारियों के राशन देने के उपरांत मोबाइलन नेटवर्क की कमी के कारण हर डाटा को सेव करते हैं। इसके बाद मशीन को घाटशिला शहरी क्षेत्र में ले जाकर अनाज वितरण का डाटा अपलोड करते हैं। इससे उन्हें कई बार भारी घाटा भी उठाना पड़ता है। पंचायत के शिक्षकों को भी बायोमैट्रिक्स हाजिरी बनाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। शिक्षक बायोमैट्रिक्स मशीन को झोले में डाल कर मोबाइल कनेक्टिविटी वाले गांव पहुंच उपस्थिति दर्ज कर वापस अपने स्कूल पहुंच बच्चों को पढ़ाने का कार्य करते हैं।

घाटशिला-झाटीझरना का खस्ताहाल मुख्य सड़क।

अब तक केवल आश्वासन ही मिला है : ग्रामीण

पंचायत के ग्रामीण त्रिलोचन सिंह, काशीनाथ सिंह, पानकिस्ट सिंह ने कहा कि विगत संसदीय और विस चुनाव से अब तक करीब 5 वर्षों से ग्रामीणों को विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा झाटीझरना पंचायत क्षेत्र में परेशानी दूर करने का आवश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों द्वारा कई बार जनप्रतिनिधियों से पंचायत भ्रमण के दौरान पंचायत क्षेत्र को मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ने और सड़क मार्ग दुरुस्त करने की मांग की जाती रही है। लेकिन अब तक किसी के द्वारा सकारात्मक पहल नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। झाटीझरना पंचायत क्षेत्र भ्रमण के लिए आने वाले जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद लोगों से कट जाते हैं।

शहर से जोड़ने वाली सड़क का हाल खस्ता : करीब 5-6 वर्ष पूर्व पीएमजीएसवाई योजना से फूलडुंगरी से झाटीझरना सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन सड़क पर पिच इतनी पतली डाली गई थी कि सड़क बनने के सप्ताह दिन बाद ही जगह-जगह उखड़ने लगी थी। सड़क पर पत्थर उखड़ कर बिखरे पड़े हैं। पंचायत के लोग घाटशिला आने से बेहतर पं बंगाल जाना ही बेहतर मानते हैं। क्योंकि झाटीझरना से पं बंगाल सीमा तक कुछ दूर सड़क कच्ची है।

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