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कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में पीएम-कोयला मंत्री का पुतला फूंका

बीसीकेयू अरगडा क्षेत्र ने गुरूवार को केंद्र सरकार द्वारा कोल इंडिया में कमर्शियल माइनिंग किए जाने के विरोध में...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:30 AM IST
बीसीकेयू अरगडा क्षेत्र ने गुरूवार को केंद्र सरकार द्वारा कोल इंडिया में कमर्शियल माइनिंग किए जाने के विरोध में गिद्दी अस्पताल चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कोयला मंत्री पीयूष गोयल का पुतला फूंका। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी भी की।

मौके पर बीसीकेयू नेता मिथिलेश सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कमर्शियल माइनिंग पर अपनी सहमति जताकर कोयला उद्योग के खदानों को विदेशी व देशी पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने की तैयारी कर दी है। इसके बाद उनकी मंशा कोयला उद्योग का निजीकरण की ओर ले जाना होगी क्योंकि प्राइवेट कंपनी द्वारा मजदूरों को कम पैसा देकर काम कराया जाएगा। जिसके कारण कोल इंडिया के कोयले से प्राइवेट कंपनी का कोयला सस्ता हो जाएगा। सभी मजदूरों को एकजुट होकर इस फैसले के विरोध में लड़ाई लड़नी होगी। मौके पर मिथिलेश सिंह, धनेश्वर तुरी, गौत्तम बनर्जी, शंभु कुमार, आशीष टोप्पो, शंभु बेदिया, ऐनुल मियां, रूपचंद, नाथु राम, रामू सिंह, कुमार महली, जावेद परवेज, नरेश महतो, मो. ऐनाम, मोइन, बालमुकुंद विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।

पुतला जलाने के दौरान नारेबाजी करते बीसीकेयू के सदस्य।

सिरका की बंद खदान में है कोयले का भंडार

सिरका | झारखंड कोलियरी मजदूर संघ ने सिरका की बंद भूमिगत खदान के समीप पीट मीटिंग का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता कुंवर महतो व संचालन त्रिवेणी प्रजापति ने किया। इस अवसर पर मजदूरों को संबोधित करते हुए कुंवर महतो ने कहां कि सिरका भूमिगत खदान के गर्भ में अब भी हजारों टन कोयले का भंडार है, जिस पर सीसीएल प्रबंधन ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि खदान को ओपन कास्ट में तब्दील कर कीमती कोयले को निकाला जाए, जिससे कंपनी का मुनाफा बढ़ सके। मौके पर कई मजदूर उपस्थित थे।