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तीर-धनुष प्रतियोगिता में तालो सोरेन को मिला पहला स्थान

Giddi News - मार्क्सवादी समन्वय समिति हजारीबाग जिला ने रेलीगढ़ा में शुक्रवार को हूल दिवस मनाया। मौके पर मासस नेता मिथिलेश सिंह...

Dainik Bhaskar

Jul 01, 2018, 02:35 AM IST
तीर-धनुष प्रतियोगिता में तालो सोरेन को मिला पहला स्थान
मार्क्सवादी समन्वय समिति हजारीबाग जिला ने रेलीगढ़ा में शुक्रवार को हूल दिवस मनाया। मौके पर मासस नेता मिथिलेश सिंह ने सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बाद में मौजूद लोगों ने बारी-बारी से सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान आदिवासी संस्कृति कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। मिथिलेश सिंह ने कहा कि 30 जून 1855 को अंग्रेजों के विरुद्ध किए गए विद्रोह को हूल क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। विद्रोह का नेतृत्व जहां सिदो-कान्हू के द्वारा किया गया था। वहीं विद्रोह में 20 हजार आदिवासियों ने अपनी जान गंवाई थी। हूल दिवस अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है। इसके पूर्व हुए तीर-धनुष प्रतियोगिता में प्रथम तालो सोरेन, द्वितीय तालो मांझी व तृतीय बाबूलाल मांझी रहे। जिन्हें पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाबीर मांझी ने की व संचालन तालो सोरेन ने किया गया।

मौके पर धनेश्वर तुरी, आरडी मांझी, कार्तिक टुडू, सुखराम हेम्ब्रम, बाबूलाल हांसदा, पांडेय मुर्मू, लोदो मुंडा, दिवाकर, निर्मल मांझी, राजेंद्र गोप, सईद अंसारी, कार्तिक मांझी रामकिशुन मुर्मू, अमृत राणा, अघुन मांझी, हरि प्रसाद, रामकिशुन मुर्मू, कैलाश महतो, रामचंद्र टुडूू, रवि मांझी, उमेश राम, मंझला मांझी, संझूल मांझी, तुलसी दास मांझी, शिवनारायण मांझी, प्रभाकर मांझी, सुजी मिस्त्री, काली मांझी, तालो सोरेन, अनिल टुडू, बैजनाथ महतो, दशरथ करमाली, समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

हूल दिवस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की देता है प्रेरणा

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