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नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास के लिए रैविमो ने गिद्दी में दिया धरना

रैयत विस्थापित मोर्चा ने मंगलवार को बकाया नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास समेत 14 सूत्री मांग को ले गिद्दी परियोजना...

Danik Bhaskar | Jul 11, 2018, 02:35 AM IST
रैयत विस्थापित मोर्चा ने मंगलवार को बकाया नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास समेत 14 सूत्री मांग को ले गिद्दी परियोजना कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सैनाथ गंझू ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन ने गिद्दी कोलियरी खुलने एवं विस्तार के समय गिद्दी बस्ती के रैयतों की भूमि ली गई थी परंतु आज तक अधिग्रहित 135 एकड़ जमीन के बदले रैयतों को न तो नौकरी मिली और न ही मुआवजा मिला।

साथ ही रैयतों के पुनर्वास की भी व्यवस्था नहीं की गई। इसके अलावा रैयत एवं विस्थापितों को रोजगार मुहैया कराने के लिए भी कोई पहल नहीं की गई। जिस कारण से गिद्दी बस्ती के रैयत जहां-जहां रहकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। वहीं रोजगार नहीं मिलने के कारण रैयत व विस्थापित पलायन कर रहे हैं। प्रबंधन 10 दिनों के भीतर रैयतों को बकाया नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास समेत सभी 14 सूत्री मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो 25 जुलाई से गिद्दी परियोजना का अनिश्चितकाल के लिए उत्पादन ठप कर दिया जाएगा। सभा को मोर्चा के केंद्रीय कोषाध्यक्ष रंजीत बेसरा, शंकर बेदिया, पप्पू सिंह, बिरजू साव, मथुरा रजवार, कमल गोप, आशीष करमाली ने भी संबोधित कर मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने कर चेतावनी दी। बाद में मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल 14 सूत्री मांग पर प्रबंधन को सौपा। सभा की अध्यक्षता बालकृष्ण गंझू उर्फ देवानंद गंझू व संचालन बहादुर मुर्मू ने किया

मौके पर ये थे मौजूद : केंद्रीय महासचिव सैनाथ गंझू, कोषाध्यक्ष रंजीत बेसरा, शंकर बेदिया, पप्पू सिंह, आशीष करमाली, कमल गोप, प्रकाश महली, मनोज सोरेन, सुखदेव गंझू, दीपक महली, विनोद मुंडा, बासु गंझू, भोला मांझी, उमेश मांझी, पवन बेसरा, रवि टुडू, सोनाराम मांझी, सुनील मांझी, निर्मल करमाली, मो. हसीब, मो. सेराज, अजय महली, सूरज महली, रानी देवी, पानो सिंह, कुशमी देवी, सावित्री देवी, पुसनी देवी, छोटकी देवी, देवंती देवी, काजल कुमारी, कल्पना देवी, शशिकला देवी, सारो देवी, सुषमा देवी, माखन सिंह, रंजीत सिंह आदि समेत सैकडों रैयत व विस्थापित महिला-पुरुष मौजूद थे।

धरना पर बैठे रैविमो के सदस्य व विस्थापित।

ये हैं प्रमुख मांगें : प्रबंधन को सौपी गई 14 सूत्री मांगों में गिद्दी के रैयतों के अधिग्रहित 135 एकड़ जमीन के बदले बकाया नौकरी, मुआवजा एवं पुनर्वास की व्यवस्था अविलंब करने, गिद्दी कोलियरी को लोकल सेल रैविमो व विस्थापितों के नेतृत्व में चालू करने, गिद्दी मेनगेट से रेलीगढ़ा पूल तक मंटू मांझी के 41.62 डिसमिल जमीन के बदले उसे नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास देने, गिद्दी कोलियरी में खुलने वाले आउटसोर्सिंग का काम पूरी तरह से विस्थापितों की देख-रेख में चालू करने, गिद्दी ए में खुलने वाले 5 नंबर साइडिंग में विस्थापितों को रोजगार देने व पेलोडर लोडिंग के स्थान पर मेनुअल लोडिंग कराने, विस्थापित टोला में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था दुरूस्त करने, रैयतों के अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भूमि अधिग्रहण कानून 2103 के अनुसार चार गुणा देने, गिद्दी दामोदर पूल से टेहराटांड़ तक सड़क की मरम्मत कराते हुए हमेशा पानी का छिड़काव करने, विस्थापित गांव केंदिया टोला में डीप बोरिंग कराने आदि की मांग शामिल है।