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- Giridih News 15 Months Later The Hemophilia Center Was Inaugurated Again In Sadar Hospital
15 माह बाद सदर अस्पताल में फिर से हीमोफीलिया सेंटर का किया उद्घाटन
सीएस ने कहा कि इस बार मरीजों की नियमित होगी जांच
पिछले खराब रिकॉर्ड का कहीं खुलासा न हो जाए, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने गिरिडीह सदर अस्पताल परिसर में शुक्रवार को 15 माह बाद एक बार फिर फीता काटकर हीमोफीलिया केयर सेंटर का उद्घाटन कर दिया। जबकि हकीकत ये है कि इस सेंटर का आज से 15 माह पूर्व 26 दिसंबर 2018 को तत्कालीन सिविल सर्जन राम रेखा सिंह ने भारी तामझाम के साथ हीमोफीलिया सेंटर का उद्घाटन किया था। इसके बाद हीमोफीलिया मरीजों के इलाज के लिए 60 लाख का आवंटन भी सरकार ने तुरंत दे दी। लेकिन अफसोस की बात ये रही कि यह सेंटर सिर्फ उद्घाटन के दिन ही खुला। इसका उपयोग तक नहीं किया जा सका। 15 माह बाद इसे दोबारा चालू किया जा रहा है। इसके बाद हमेशा बंद रहा। इस दौरान हीमोफीलिया के मरीज इलाज के लिए आते रहे, लेकिन सेंटर कभी खुला नहीं रहा, राशि भी जस की तस पड़ी रही। 15 महीने तक यहां एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ। जबकि अभी तक जिले में हीमोफीलिया के 70 निबंधित मरीज हैं। इसी अव्यवस्था काे छुपाने के लिए विभाग ने एक बार फिर शुक्रवार को इसका उद्घाटन कर दिया। उद्घाटन समारोह में डिप्टी मेयर प्रकाश सेठ, जिला परिषद उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान, रांची रिम्स के डॉ संजय कुमार, सिविल सर्जन अवधेश कुमार सिन्हा, डॉ रवि महर्षि सहित कई चिकित्सक व हीमोफीलिया के मरीज उपस्थित थे। इस दौरान एक कार्यशाला का भी आयाेजन किया गया। जिसमें मरीजों के दवा के खुराक के बारे में जानकारी दी गई। गिरिडीह में भी आज से मरीजों के बीच दवा का वितरण की शुरूआत कर दी गई है। मौके पर डॉ अरूण कुमार, डॉ एस सान्याल, हीमोफीलिया सोसाइटी के सेक्रेट्री संतोष जयसवाल, डॉ देवेन्द्र कुमार मुंडा सहित कई लोग उपस्थित थे।
अस्पताल की लापरवाही से फंड का नहीं किया जा सका उपयोग
वर्ष 2018 के 26 दिसंबर को सदर अस्पताल परिसर में हीमोफीलिया केयर सेंटर का उद्घाटन फीता काटकर किया गया था। उसके बाद से यह सेंटर कभी नहीं खुला और न ही मरीजों के बीच कोई दवा का वितरण ही किया गया। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के वजह से फंड रहने के बावजूद दवा का टेंडर नहीं कराया जा सका था। जिस वजह से मरीजों को इसका कोई फायदा नहीं पहुंच पाया। उस वक्त सरकार द्वारा गिरिडीह जिले को दवाई की खरीददारी के लिए 60 लाख रुपए मुहैया कराए गए थे, लेकिन उसकी टेंडर की प्रक्रिया पूरा नहीं होने से उद्घाटन के बाद से आज तक यह केयर सेंटर बंद पड़ा था।
26 दिसंबर 2018
13 मार्च 2020
उद्घाटन के बाद चालू नहीं हो पाया था सेंटर : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन ने बताया कि पहले हुए उद्घाटन के समय दवाई उपलब्ध नहीं होने के कारण सेंटर चालू नहीं हो पाया था। इस बार गिरिडीह में मरीजों के लिए अभी 5 लाख रुपए की दवा उपलब्ध कराई गई है, जो शुक्रवार से हीमोफीलिया मरीजों के बीच नि:शुल्क वितरण की जाएगी।
15 माह पहले उद्घाटन के मौके पर उपस्थित मेयर व तत्कालीन सीएस।
शुक्रवार को हीमोफीलिया सेंटर का उद्घाटन करते अतिथि।