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पंप का धुआं कुएं में भरा, सफाई करने उतरे पिता व दो बेटों की मौत

भास्कर न्यूज | पीरटांड़/मधुबन एक तरफ होली की तैयारी तो दूसरी तरफ एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने लोगों झकझोर...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:30 AM IST
भास्कर न्यूज | पीरटांड़/मधुबन

एक तरफ होली की तैयारी तो दूसरी तरफ एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने लोगों झकझोर कर दिया। देखते ही देखते पूरे इलाके की खुशी मातम में बदल गई। मरने वालों में दो पुत्र के साथ पिता शामिल हैं।

घटना गिरिडीह जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पालमो गांव की है। जहां कुआं की सफाई के दौरान दो बेटों के साथ पिता का दम घुटा और वहीं तीनों की मौत हो गई। शुक्रवार को बीरू पंडित अपने बेटों के साथ घर में पकवान खाकर कुआं की सफाई करने निकले। पहले कुएं से पानी निकालने के लिए मोटर लगाया गया। पानी ज्योंही कम हुआ कि तीनों बाप बेटे बारी-बारी से रस्सी व सीढ़ी के सहारे कुएं के अंदर गए और कचड़ा निकालने लगे।

इसी बीच पिता का पैर फिसला और वे कुएं में जा गिरे। पिता को निकालने के लिए कुएं में दोनों बेटे उतरे, लेकिन मोटर पंप से निकलने वाला धुआं कुएं में भर जाने के कारण तीनों की मौत हो गई। कुएं के बाहर खड़े कुछ लोगों की जब नजर पड़ी तो हो हल्ला करना शुरू कर दिया। पूरे गांव के लोगों की भीड़ जुटी, लेकिन शवों को निकालने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। अंत में प्रशासन व पुलिस दमकल टीम के साथ पहुंची और किसी तरह तीनों को बाहर निकाला गया। तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।

इसी कुएं की सफाई के दौरान पिता और दो बेटों की हुई मौत।

ऐसे हुई घटना

बताया जाता कुएं की सफाई करने सबसे पहले बीरू पंडित नीचे गए। जहां मोटर लगाकर बाहर आ गए। पंप चल रहा था और पानी भी बाहर आ रहा था। करीब एक घंटे तक मोटर चलने के बाद गरम होकर मोटर बंद हो गया। इस बीच कुएं में कुछ ही पानी बचा था। लिहाजा मोटर को दोबारा स्टार्ट करने बीरू पंडित पुन: कुएं में उतरे। लेकिन वह जैसे ही वे अंदर गए, मोटर से निकले धुएं के कारण पंप को स्टार्ट नहीं कर पाए। इसी वजह से वे सीधे पानी में जा गिरे, जहां उसकी मौत हो गई। अपने पिता को कूप के अंदर गिरता देख, बड़ा बेटा शिबू (35) उन्हें निकालने आनन-फानन में कूप के अंदर गया। लेकिन वह भी नहीं संभल पाया और जहरीली गैस ने उसे भी चपेट में ले लिया। पिता व बड़े भाई को गिरता देख छोटू उर्फ चेतलाल पंडित (30) कूप में उतरा, लेकिन वह भी उसी में गिर पड़ा। इस तरह एक-एक कर तीनों कुआं में उतरे, लेकिन कोई जीवित बाहर नहीं आ पाया। पिता के साथ दो बेटों के कुआं में डूबने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई।

इस कुएं से एक दर्जन परिवार

की बुझती है प्यास

पालमो गांव स्थित यह 50 साल पुराना कूप फिलहाल गांव के करीब एक दर्जन परिवार की प्यास बुझाता है। यहां आसपास एक भी चापानल नहीं है, और कुछ है तो वह लंबे समय से खराब पड़ा है। खास कर मृतक बीरू पंडित के परिवार के लिए यह कूप काफी मायने रखता था, और पानी का यहां कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। लिहाजा पांच दिन पहले बीरू की पोती और मृतक चेतलाल की बेटी घर के इसी कुएं में खेलने के क्रम में गिर गई थी। जिसे निकालने के क्रम में पानी काफी गंदा हो गया था। लिहाजा उसकी सफाई का फैसला लिया। इसी क्रम में होली के दिन शुक्रवार को इस कुएं ने तीन लोगों की जिंदगी को ले ली।

3 घंटे तक मची रही अफरा-तफरी

मरने वालों में बीरू पंडित (55) और उनके दो बेटे शिबू पंडित उर्फ शिवकुमार (35) और छोटू उर्फ चेतलाल पंडित (30) शामिल हैं। इस घटना के साथ ही पूरे इलाके की होली मातम में बदल गई। इस घटना के दौरान करीब 3 घंटे तक गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घर की महिलाएं दहाड़ मार-मार कर रो रही थी, तो हर आंख से आंसू गिर रहे थे। सूचना पाकर पूर्व मुखिया जितेंद्र पांडेय व पंसस सुरेंद्र प्रसाद यादव के साथ बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे, और किसी तरह तीनों शवों को बाहर निकाला। इस बीच गांव के ही इंदर पंडित नामक युवक ने कुएं के अंदर जाने का फैसला लिया। रस्सी के सहारे कूप के नीचे वह चला गया। लेकिन उसे भी वहीं चक्कर आने लगा, इसके बाद इंदर ने शोर मचाया। जहां तैनात लोगों ने उसे तुरंत बाहर निकाला। इसके बाद कोई भी अंदर जाने से डरने लगे। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची टीम ने शवों का निकाला।