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ट्रेिनंग लेने में प्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई रुचि

गिरिडीह स्टेडियम में शनिवार को सर्वशिक्षा अभियान द्वारा आयोजित एक दिवसीय विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्यों का...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:40 AM IST
गिरिडीह स्टेडियम में शनिवार को सर्वशिक्षा अभियान द्वारा आयोजित एक दिवसीय विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्यों का उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 3340 सरकारी स्कूलों के विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व जिले के 358 मुखिया को आमंत्रित किया गया था पर आधे से अधिक अध्यक्ष व अधिकतर मुखिया कार्यक्रम से नदारद रहे। स्टेडियम में सजी करीब चार हजार कुर्सियों में एक तिहाई खाली रह गईं। भागीदारों की अनुमानित संख्या अधिक होने के कारण ही कार्यक्रम स्थल स्टेडियम निर्धारित किया गया था पर संख्या देख विभागीय अधिकारी भी निराश नजर आए। विदित हो कि उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों ने कई गुर सिखाए। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा अधीक्षक कमला सिंह, उपाधीक्षक मिथलेश पांडेय, एडीपीओ पीयूष कुमार, एपीओ अभिनव कुमार सिन्हा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दाैरान कई स्कूलों के प्रतिनिधि शािमल हुए।

एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में आधी से अधिक कुर्सियां रही खाली

प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाली रह गईं कुर्सिंया।

काम करने की क्षमता का अभाव : एपीओ

एपीओ अभिनव कुमार सिन्हा ने समिति अध्यक्षों को विद्यालय संचालन के कई गुर सिखाए। कहा कि सुनियोजित तरीके से काम करने की क्षमता का अभाव हैं। कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता के कारण विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 52 से 55 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ रही है। बच्चे नियमित आयेंगे तभी सीखेंगे।

उद्देश्य से भटक गए कई शिक्षक : विनोद

शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद राम ने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं में शिक्षकों को लगा दिये जाने के कारण मूल उद्देश्य से भटक गए हैं। कहा कि शिक्षकों पर पठन-पाठन के अलावा कई जिम्मेवारी लाद दी गई है। मौके पर डीएसई, एडीपीओ, एपीओ के अलावा मैनेजर प्रसाद सिंह, रानू बोस सहित कई शिक्षक मौजूद थे। कार्यक्रम में मंच संचालन शिक्षक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन के लिए ही विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। कहा कि जिन विद्यालयों की बेहतर प्रबंधन होगी वही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे पाएंगे।