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धोखाधड़ी के मामले में भाजपा नेता सुरेन्द्र वर्मन को नहीं मिली जमानत

करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी के आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। व्यवहार...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:25 PM IST
धोखाधड़ी के मामले में भाजपा नेता सुरेन्द्र वर्मन को नहीं मिली जमानत
करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी के आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। व्यवहार न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बिनोद कुमार सिंह की अदालत में धोखाधड़ी के आरोपी सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका लंबित था। जिसकी सुनवाई अदालत ने शुरू की।

सुरंेद्र वर्मन के पक्ष से अधिवक्ता विशाल आनंद ने अदालत में बहस करते हुए कहा कि यह मामला ठगी का नहीं बल्कि आपसी लेन देन का है और यह मामला सिविल नेचर का है। वहीं मामले के सूचक कोलकाता के उद्योगपति राजाराम शराफा के पक्ष से अधिवक्ता चुन्नूकांत ने बहस की। उन्होंने भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन के खिलाफ कई दस्तावेज प्रस्तुत कर अदालत को बताया कि यह एक गंभीर अपराध है और आरोपी ने सूचक के साथ धोखा और विश्वासघात किया है। आरोपी वर्मन पर इस तरह के कई आपराधिक मामले अदालत में लंबित हैं, जिसमें वह आरोपी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत नहीं मिलने पर कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

सुरेंद्र वर्मन पर लटकी है गिरफ्तारी की तलवार

मामले के आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन का अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसे पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लेने का खतरा मंडराने लगा है। अब देखना यह है कि वे अदालत के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट रांंची जाएंगे या अदालत में आत्म समर्पण करेंगे। लिहाजा मामले के आरोपी भाजपा नेता यदि हाई कोर्ट रांंची में भी अदालत के खिलाफ अपील दायर करते हैं। तब भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

सिटी रिपोर्टर | गिरिडीह

करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी के आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। व्यवहार न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बिनोद कुमार सिंह की अदालत में धोखाधड़ी के आरोपी सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका लंबित था। जिसकी सुनवाई अदालत ने शुरू की।

सुरंेद्र वर्मन के पक्ष से अधिवक्ता विशाल आनंद ने अदालत में बहस करते हुए कहा कि यह मामला ठगी का नहीं बल्कि आपसी लेन देन का है और यह मामला सिविल नेचर का है। वहीं मामले के सूचक कोलकाता के उद्योगपति राजाराम शराफा के पक्ष से अधिवक्ता चुन्नूकांत ने बहस की। उन्होंने भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन के खिलाफ कई दस्तावेज प्रस्तुत कर अदालत को बताया कि यह एक गंभीर अपराध है और आरोपी ने सूचक के साथ धोखा और विश्वासघात किया है। आरोपी वर्मन पर इस तरह के कई आपराधिक मामले अदालत में लंबित हैं, जिसमें वह आरोपी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र वर्मन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत नहीं मिलने पर कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

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