सरकारी शिक्षा ठीक करना चुनौती, नामुमकिन नहीं: मंत्री

Giridih News - झारखंड में बजट का एक बड़ा हिस्सा सरकारी शिक्षा पर खर्च होता है, बावजूद शिक्षा स्तर में परिवर्तन नहीं होना चिंता का...

Feb 04, 2020, 07:00 AM IST
Giridih News - challenge to fix government education not impossible minister

झारखंड में बजट का एक बड़ा हिस्सा सरकारी शिक्षा पर खर्च होता है, बावजूद शिक्षा स्तर में परिवर्तन नहीं होना चिंता का विषय है। सरकारी शिक्षा के प्रति अाम लोगांे में नकारात्मक सोच बना हुआ है और लोग प्राईवेट शिक्षा की ओर रूख कर रहे हैं। ऐसे में सरकार खर्च भी करे और आम पब्लिक को इसका लाभ भी नहीं मिले यह सही नहीं है। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उक्त बातें झारखंड सरकार के शिक्षा, मानव संसाधन मंत्री सह डुमरी विधायक जगरनाथ महतो ने कही। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा दुरुस्त करना चुनौती जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। सोमवार को देवघर से रांची लौटने के क्रम में वे गिरिडीह परिसदन में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा के जो भी जिम्मेवार हैं, चाहे वे शिक्षक हों अथवा पदाधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं। सरकार उन्हें हर सुविधा देने को तैयार है, बशर्ते उन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा के प्रति गंभीर होना होगा, ताकि मध्यम व उच्च वर्ग के लोगों का सरकारी शिक्षा के प्रति भरोसा बढ़े और वे अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों में कराएं। कहा कि हेमंत सरकार गुणवत्ता से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

स्कूल मर्ज की भी होगी समीक्षा

रघुवर सरकार के कालखंड में झारखंड में 14 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद कर अन्य स्कूलों में मर्ज किया गया है। इसकी गहन समीक्षा की जाएगी, फिर कोई निर्णय लिए जाएंगे। स्कूल मर्जर होने से यदि बच्चों को पढ़ाई में परेशानी हो रही होगी, तो वैसे स्कूलों को शीघ्र खुलवाया जाएगा। आम आवाम के हक के लिए यह सरकार बनी है और लोगांे के हित में और बच्चों के हित में जो भी होगा उस पर फैसला लेने में यह सरकार थोड़ी भी देर नहीं करेगी।

पारा शिक्षक की नियमावली की समीक्षा होगी

पारा शिक्षकों के नियमित किए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस पर फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि पारा शिक्षकों को राहत दी जाएगी। अन्य राज्यों में जो पारा शिक्षकों को सुविधा मिल रही है, उससे बेहतर झारखंड के पारा शिक्षकों को जरूर मिलेगा। पारा शिक्षकों के लिए अब तक झारखंड में क्या नियमावली बनी है उसकी समीक्षा होगी। इसके अलावा अन्य राज्यों की नियमावली की भी समीक्षा की जाएगी।

वित्तरहित कॉलेजों की नियमितिकरण का होगा प्रयास

मंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य में बड़ी संख्या में वित्त रहित कॉलेज है। जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिसमें कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जो बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन उन कॉलेजों पर पूर्ववर्ती सरकारों ने ध्यान नहीं दिया है। सिर्फ कभी कभार मिले मामूली अनुदान पर वित्त रहित कॉलेज संचालित हो रहे हैं। सरकार का इसपर भी फोकस है। नियमानुकूल जो वित्त रहित कॉलेज संचालित हैं, और वह सरकार के तमाम मानदंडों को पूरा कर रहा है, उसकी सरकार समीक्षा करेगी और उसे नियमित करने का प्रयास होगा। लेकिन जो कॉलेज मनमाने ढंग से चल रहे हैं, उस पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। झारखंड में वित्त रहित कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए 5 फरवरी 2020 को रांची में राज्य के सभी जिले के डीईओ, डीएसई की बैठक बुलाई गई है। जिले एवं राज्य के शिक्षा पदाधिकारियों से वार्ता करने के बाद इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

गिरिडीह परिसदन भवन में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो।

समीक्षा के बाद झारखंड के पारा शिक्षकों काे हर राज्य से मिलेगी बेहतर सुविधा

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