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अनुसूचित जनजाति गांव पहाड़पुर में पेयजल की किल्लत

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 08:30 AM IST

Giridih News - सदर प्रखंड के अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम-पंचायत पहाड़पुर के विभिन्न टोलों में पेयजल की किल्लत देखी जा रही है।...

Dwarpahri News - drinking water crisis in scheduled tribes village paharpur
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सदर प्रखंड के अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम-पंचायत पहाड़पुर के विभिन्न टोलों में पेयजल की किल्लत देखी जा रही है। यहां के ग्रामीणों को चुनाव से ज्यादा पानी की चिन्ता है।

ग्राम-पंचायत पहाड़पुर सात टोलों में बंटा हुआ है। जिसमें दो टोला चरघरवा व कोल्हरिया को छोड़ सभी टोलों के बगल में जिन्दा नाला मौजूद है। ग्रामीण जिंदा नाला से पेयजल लाने को मजबूर हैं। पीएचइडी की ओर से चरघरवा में एक चापानल की बोरिंग कराया गया था लेकिन यह भी ड्राई निकल गया। वहीं बरोटांड में विद्यालय के चापानल पर ग्रामीण निर्भर हैं। चापानल जवाब दे देता है तो टांडो नदी से लोग प्यास बुझाने को मजबूर हैं। कमोबेश यही स्थिति गांव के मंझलाडीह, नीमाटंडी, करमटंडी की हो गयी है जहां के लोगों को चुनाव से ज्यादा प्यास बुझाने के लिए पानी की चिंता सता रही है।

खराब पड़ा चापाकल।

क्या कहते हैं ग्रामीण

ग्रामीण विमल बेसरा, बिनोद चौडे, गोविन्द हांसदा, सुन्दर मरांडी, अनिल हांसदा आदि ग्रामीणों ने बताया कि हर पांच वर्ष में गांव के विकास के लिए सांसद, विधायक के लिए चुनाव होता है। आदिवासी समाज के लोग बगैर कोई भेद भाव के मत देकर कभी झामुमो को तो कभी कांग्रेस को विजय बनाते रहे हैं। यहां तक कि नरेन्द्र मोदी के नाम पर अगले चुनाव में भाजपा को भी मत देकर चुनाव में विजय माला पहना कर दिल्ली व रांची भेजने का काम किया। लेकिन क्या मिला। उनलोगों को आज पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पानी तो दूर गांव में तीन वर्षों से बिजली नहीं है।

पानी-बिजली नहीं है तो मतदान से क्या लाभ

इधर ग्रामीणों ने बताया कि जब गांव में किसी तरह की सुविधा हीं नहीं मिलेगी उनलोगों को नदी का पानी ही पीना व ढीबरी का उजाला ही नसीब है तो फिर मतदान करने से क्या लाभ है। जिस तरह अंधा के लिए रात व दिन एक समान है। उसी तरह उनलोगों के लिए चुनाव होना नहीं होना बराबर है।

माले के कोडरमा प्रत्याशी राजकुमार के पक्ष में उतरे जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष

एनसाईं बालाजी ने कहा, मोदी के कार्यकाल में देश 50 साल पीछे चला गया

भास्कर न्यूज | बगोदर

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी तथा आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचिता डे ने मंगलवार को बगोदर में प्रेस वार्ता की। कहा कि युवाओं के संघर्ष का प्रतिनिधि बन कर कोडरमा लोकसभा क्षेत्र का दौरा कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। भाजपा सरकार ने 5 सालों के कार्यकाल में छात्र, बेरोजगारों को कोई तवज्जो नहीं दी। 1 साल में दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर भाजपा ने बेरोजगारों को ठगने का काम किया। कहा कि इस बार भाजपा ने मेनिफेस्टो अन्य राजनीतिक दलों के बाद जारी किया। भाजपा के मेनिफेस्टो में इस बार भी रोजगार को तवज्जो नहीं दी गई है। कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व कार्य काल में भारत 50 साल पीछे चला गया। कहा कि रवींद्र राय को टिकट नहीं देकर भाजपा ने पहले से ही बेचैनी जता दिया है। अब रवींद्र राय बाबूलाल के साथ फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं। संदीप जायसवाल ने कहा कि भाजपा कोडरमा में भयभीत है।

प्रेस वार्ता करते जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष।

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