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विधायक के आंदोलन के बाद बिजली सुधरी

एक वर्ष पहले
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डीवीसी के 18 घंटे बिजली कटौती फैसले के खिलाफ स्थानीय विधायक सुदीव्य कुमार सोनू के नेतृत्व में बुधवार के आंदोलन का असर दिखने लगा है। हालांकि बिजली कटौती से डीवीसी बाज नहीं आ रही है। लेकिन गुरुवार को सुबह 10:30 बजे तक शहरवासियों को बिजली नियमित मिली। हालांकि इसके बाद 2 घंटे व 1 घंटे की लोड शेडिंग जरूर ली गई। लेकिन इससे आम जनता को मंगलवार की अपेक्षा बहुत अधिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।

इधर विधायक के इस पहल की गिरिडीह की जनता न सिर्फ सराहना कर रही है, बल्कि राहत महसूस कर रही है। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। सूचना है कि अन्य जिलों मंे भी बिजली की त्राहिमाम मची है। गिरिडीह, धनबाद, बोकारो सहित 7 जिलांे में डीवीसी ने बकाया बिजली बिल भुगतान होने तक लगातार 18 घंटे बिजली कटौती का फैसला लिया था। लेकिन विधायक के नेतृत्व में झामुमो के आंदोलन के बाद डीवीसी को गिरिडीह के लिए फैसला बदलना पड़ा और चीफ इंजीनियर को आश्वस्त करना पड़ा कि गिरिडीह जिले को नियमित बिजली मिलेगी। लेकिन गिरिडीह विधायक के विधानसभा क्षेत्र मंे ही डीवीसी ने सिर्फ नियमित बिजली बहाल की है। जबकि अन्य विधानसभा इलाके में बिजली के लिए हायतौबा मची है। उधर बगोदर विधायक ने गुरुवार को बिजली संकट के मसले को विधानसभा मंे उठाया और सरकार को अविलंब इस पर ठोस पहल करने की मांग की है।

वहीं डुमरी विधायक सह शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पहले ही चेतावनी दे डाली है कि उनके विधानसभा क्षेत्र मंे घंटे भर भी बिजली गुल नहीं होनी चाहिए। जबकि अन्य विधायकों का रवैया इसमें ढीला पड़ गया है। जिसमें गांडेय, जमुआ व धनवार के विधायक बिल्कुल सुस्त पड़े हैं, जिससे आमजनों मंे भारी आक्रोश है।

बड़े आंदोलन को तैयार हैं झामुमो समर्थक

इधर गिरिडीह विधायक सुदीव्य कुमार सोनू ने डीवीसी को चेतावनी दे डाली है कि यदि गिरिडीह में दफ्तर संचालित करना है और यहां का संसाधन इस्तेमाल करना है तो फिर यहां के लोगांे के अनुसार चलना होगा। बिजली उत्पादन के लिए इंधन के रूप में कोयला देने वाला गिरिडीह शहर किसी कीमत पर अंधेरा में नहीं रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने झामुमो के तमाम नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। कहा है कि यदि डीवीसी अपने वादे से मुकरती है और बिजली कटौती आरंभ करती है तो फिर इस बार बड़ा आंदोलन होगा।
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