बेटी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भटकता रहा पिता, नहीं होने पर दफना दिया

Giridih News - अधिकारियों की संवेदनहीनता के कारण एक पिता अपनी पुत्री को न्याय नहीं दिला पाया। अपनी मृत पुत्री के शव का दोबारा...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:41 AM IST
Dumri News - father kept wandering for post mortem of daughter39s body buried if not
अधिकारियों की संवेदनहीनता के कारण एक पिता अपनी पुत्री को न्याय नहीं दिला पाया। अपनी मृत पुत्री के शव का दोबारा पोस्टमार्टम के लिए सिविल सर्जन तो कभी थाना तो कभी एसडीओ के यहां दर-दर भटकते पिता ने अंत में हार मानकर शनिवार को पुत्री के शव का दफना दिया। बताया जाता है कि गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड स्थित लोहेडीह निवासी मनोज साव की पुत्री भारती कुमारी की चेन्नई में संदेहास्पद परिस्थिति में फंदे से लटकती हुई लाश मिली थी। पिता का आरोप है कि उसकी 18 वर्षीय बेटी भारती ने आत्महत्या नहीं किया है, बल्कि उसके साथ किसी ने गलत किया है और फिर उसकी हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद शव को फंदे से लटका दिया गया है ताकि यह आत्महत्या लगे।

शुक्रवार को चेन्नई से भारती का शव लेकर पहुंचे लोगों को स्थानीय ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। लेकिन डुमरी एसडीओ प्रेमलता मुर्मू ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए परिजनों को रि-पोस्टमार्टम का आश्वासन दिया। इस संदर्भ में उन्होंने परिजनों के सामने उपायुक्त राहुल सिन्हा से दूरभाष पर बात कर सहमति ली थी। लेकिन जब परिजन शव का रि-पोस्टमार्टम कराने सदर अस्पताल गिरिडीह पहुंचे तो सिविल सर्जन ने पोस्टमार्टम करने से साफ इनकार कर दिया। सीएस ने कहा कि चेन्नई मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गिरिडीह सदर अस्पताल में चैलेंज नहीं किया जा सकता। यहां तक कि सिविल सर्जन से उपायुक्त को गाईड लाईन से अवगत कराते हुए कहा कि यदि निमियाघाट थाना की जांच रिपोर्ट मिलती है तो ही यहां रि-पोस्टमार्टम हो सकता है। लेकिन वह भी नहीं है। ऐसे में यहां पोस्टमार्टम नहीं किया जा सकता है। जिसे उपायुक्त को भी मानना पड़ा। अंत में दो दिनों से शव लेकर भटकते फिर रहे पिता ने बेटी के शव से लिपटकर दहाड़ मारकर घंटों रोते रहे और कहा कि बेटी अब तुम्हें न्याय नहीं दिला पाऊंगा और गांव ले जाकर शव को दफना दिया। सूचना मिलते ही पूर्व ऊर्जा मंत्री लालचंद महतो लोहेडीह पहुंचे और सरकारी तंत्र पर नाराजगी जताई। मौके पर एक-एक कर जिला और अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकरियों से फोन पर बात की। जिसमें कोई नियमों के तहत री-पोस्टमार्टम की बात करते रहे तो किसी ने अनभिज्ञता जाहिर की। पूर्व मंत्री की जब री-पोस्टमार्टम को लेकर सिविल सर्जन से बात हुई तो उन्होंने बताया कि बिना थाना में रिपोर्टिंग हुए वे री-पोस्टमार्टम नहीं करा सकते।

भारती की फाइल फोटो।

एसडीओ के आश्वासन के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने से लोगांे में है आक्रोश

शव पहुंचने पर परिजनों से बात करते एसडीओ। (फाइल फोटो)

ज्ञात हो कि चेन्नई में भारती की मौत की सूचना को गलत बताते हुए परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। इस बाबत परिजन लिखित शिकायत लेकर निमियाघाट थाना पहुंचे, परंतु पुलिस ने परिजनों को यह कहकर लौटा दिया था कि मामला यहां का नहीं है। वे चेन्नई जाकर वहां के थाना में लिखित शिकायत दें। शुक्रवार को जब भारती का शव गांव पहुंचा था, तब भी परिजन निमियाघाट पुलिस से यह मांग करते रहे, पर पुलिस का वही जवाब था। शुक्रवार की शाम भारती कुमारी का शव चेन्नई से उसके घर लोहेडीह ज्योंही लाया गया परिजनों ने शव लेने इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि शव की री-पोस्टमार्टम जब तक नहीं कराई जाएगी वे लोग शव को नहीं लेंगे। इसके साथ ग्रामीण हंगामा करने लगे और एम्बुलेंस और जेएसएलपीएस के बीपीएम को बंधक बना लिया। इस सूचना पर डुमरी एसडीएम प्रेमलता मुर्मू मौके पर पहुंची और उपायुक्त से बात कर परिजनों को उसी दिन देर शाम ही शव के साथ रि पोस्टमार्टम कराने के लिए गिरिडीह भेज दिया। वहीं बंधक बनाए गए एंबुलेंस व बीपीएम को मुक्त कर दिया गया। लेकिन गिरिडीह आते ही उसे कानून का पाठ पढ़ाया जाने लगा। इसके बाद मनोज साव अपनी पुत्री का री-पोस्टमार्टम कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से आरजू मिन्नत करता रहा परंतु नियमों का हवाला देकर शव का रि-पोस्टमार्टम नहीं किया गया। अंत में हारकर वह अपनी पुत्री के शव को शनिवार करीब दो बजे घर ले आया। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों में निमियाघाट पुलिस और प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया।

प्रशासन की नाकामी से नहीं मिला न्याय : लालचंद

मौके पर पूर्व ऊर्जा मंत्री लालचंद महतो ने कहा कि यह जिला प्रशासन की नाकामी और लापरवाही है। मृतक के परिजनों को जो न्याय मिलना चाहिए था, वह पदाधिकारियों की अज्ञानता और लापरवाही के कारण नहीं मिल सका। निमियाघाट थाना प्रभारी ने लिखित शिकायत नहीं लेकर कानून की अवहेलना की है। अनुमंडल और प्रखंड के प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों ने मृतका के परिजनों और गांव वालों को दिग्भ्रमित किया है। इन लोगों ने मृतका और उसके परिजनों को मिलने वाले न्याय से वंचित किया है। इस मामले में दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ जांच कर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कौशल विकास योजना के तहत लड़कियों को राज्य से बाहर भेजने और उन लड़कियों से घर वालों से बात नहीं करने देने के मामले की भी जांच की मांग की है। मौके पर बैजनाथ महतो, चिन्तामनी महतो, साधु महतो, रूपलाल महतो, जीवलाल महतो, मुन्ना मंडल, टेकलाल महतो आदि उपस्थित थे।

कौशल विकास की ट्रेनिंग लेने गई थी चेन्नई : पिता

पिता मनोज साव ने बताया कि कौशल विकास के तहत 15 अगस्त को लोहेडीह से अनील साव की पुत्री प्रियंका कुमारी, रंजीत साव की पुत्री कुमकुम कुमारी, भुखलाल राम की पुत्री किरण कुमारी और मनोज साव की पुत्री भारती कुमारी को चेन्नई ले जाया गया था। इसके पूर्व ये सभी लड़कियां धनबाद स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केन्द्र में तीन माह का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद इन सभी को 61 सी समीनाथपुरम सेकेंड स्ट्रीट अनुप्पारपलयम तिरूपुर स्थित आर्मस्ट्रोंग निटिंग मील में सिलाई का आवासीय प्रशिक्षण के लिए ले जाया गया था। बुधवार को करीब दस बजे मनोज साव की मोबाइल पर फोन आया कि उसकी पुत्री भारती कुमारी की मौत हो गई है। फोन करने वाला अपने को मील का आदमी बता रहा था, और बताया कि उसकी पुत्री का शव कमरे के फंखे में फांसी से लटका हुआ मिला है।

डीसी की सहमति पर दिया था आश्वासन : एसडीओ


दोबारा रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकते : थाना प्रभारी


री-पोस्टमार्टम नहीं हो सकता


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