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18 घंटे की बिजली कटौती से झामुमो विधायक ने खोया आपा, डांड़ीडीह कार्यालय में किया हंगामा
चीफ इंजीनियर ने दिया भरोसा, कहा- नियमित होगी बिजली की आपूर्ति
गिरिडीह के झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार सोनू के कड़े तेवर के आगे डीवीसी को बैकफूट पर आना पड़ा, पिछले दो दिनों से चरमराई गिरिडीह शहर की बिजली आपूर्ति बहाल करनी पड़ी। दरअसल सरकार पर 4900 करोड़ की बकाया बिजली बिल वसूली के लिए डीवीसी ने सरकार पर प्रेशर बनाने के लिए बीते 10 मार्च से 18 घंटे पावर कट करना शुरू कर दिया था। जिससे गिरिडीह की जनता की त्राहिमाम कर रही थी। लेकिन जबकि 10 मार्च को होली थी, जिसमें पानी की पर्याप्त जरूरत लोगाें को होती है। लेकिन डीवीसी ने पावर कट कर लोगाें को बेचैन कर दिया। वही सिलसिला 11 मार्च को भी जारी रहा।
डीवीसी की तुगलकी रवैया देख विधायक ने अपना आपा खो दिया और और सुबह 11 बजे ही अपने समर्थकों के साथ डीवीसी के डांड़ीडीह कार्यालय आ धमके। जहां अधिकारियों को पहले खूब खरी-खोटी सुनाई। विधायक ने कहा कि हेमंत सरकार में मनमानी किसी कीमत पर नहीं चलेगी। गिरिडीह के कोयले से डीवीसी चल रहा है और गिरिडीह के लोगांे को ही बिजली नहीं, यह बर्दाश्त नहीं होगा। सरकार पर डीवीसी का बकाया 4900 करोड़ है तो वह पूर्ववर्ती सरकार की देन है। पूर्ववर्ती सरकार के पाप की सजा हेमंत सरकार व जनता क्यों भुगतेगी। जनता को नियमित बिजली चाहिए, अन्यथा प्राइवेट कारखानों की भी बिजली बंद करें और डीवीसी यहां से बोरिया बिस्तर समेटने को तैयार रहे। इन सारे सवालांे को लेकर भोरंडीहा में डीवीसी कार्यालय में झामुमो कार्यकर्ताओं ने भारी हंगामा मचाया। कार्यकर्ताओं का आक्रोश देख डीवीसी अधिकारियों ने मौके पर ही जेएसइबी को बिजली आपूर्ति शुरू कर दी और फिर सब-स्टेशन के माध्यम से लोगों को बिजली बहाल कर दी गई। इसके बाद भी कार्यकर्ता शांत नहीं हुए और नियमित 19 घंटे बिजली देने की मांग को लेकर विधायक के साथ डीवीसी कार्यालय के गेट बंद कर धरना पर बैठ गए। मामला डीवीसी के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच चुका था। हंगामा बढ़ता देख मुफ्फसिल पुलिस भी सुरक्षा के मद्देनजर पहुंची। करीब तीन घंटे तक विधायक को धरना पर बैठे देख डीवीसी के अधिकारी हैरान-परेशान दिखे और ऑन द स्पॉट उच्चाधिकारियों से बात कर मांगों पर सहमति दी।
हंगामा के कारण बिजली चालू कर दी गई है : कार्यपालक अभियंता
डीवीसी कार्यपालक अभियंता देवेन्द्र दुबे ने कहा कि विधायक बकाया 4900 करोड़ का भुगतान सरकार की ओर से नहीं की जा रही है। लिहाजा बाध्य होकर डीवीसी को पावर कट करना पड़ा। विधायक व कार्यकर्ताओं के हंगामा के कारण बिजली आपूर्ति करना पड़ा। 18 घंटा बिजली सप्लाई का निर्देश प्राप्त हो गया है।
डीवीसी को बदलना होगा अपना फैसला : झामुमो विधायक
इधर विधायक सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि गिरिडीह में 18 घंटे की बिजली कटौती किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। डीवीसी को यह फैसला हर कीमत पर बदलना होगा। जहां तक सरकार पर बकाया का सवाल है तो वह पूर्ववर्ती रघुवर सरकार की देन है। हेमंत सोरेन जिस दिन मुख्यमंत्री का शपथ ले रहे थे उस दिन तक डीवीसी का 4500 करोड़ का बकाया था। अभी 4900 करोड़ हुआ है।
रघुवर सरकार के कुकर्म की सजा जनता को मिल रही है : जिलाध्यक्ष
झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा डीवीसी झामुमो सरकार के विरोधी के तौर पर काम कर रही है। कहा कि रघुवर सरकार के कुकर्म की सजा डीवीसी को उसी वक्त देनी चाहिए। लेकिन हेमंत सोरेन सरकार में क्यों। डीवीसी की दोहरी नीति झामुमो बर्दाश्त नहीं करेगी। हेमंत सरकार में जनता का राज है और जनता के साथ नाइंसाफी हुई तो फिर डीवीसी के साथ भी होगा, जो कभी नहीं हुआ है।
विधायक को रंगबाज कहने पर कार्यकर्ताओं ने आपा खोया
झामुमो कार्यकर्ताओं का हंगामा देख डीवीसी के पुटकी सुपरीटेंडेंट इंजीनियर एसके दास ने आपा खो दिया और विधायक से मोबाईल पर बातचीत के दौरान रंगबाज शब्द का इस्तेमाल कर दिया। जिससे विधायक के साथ कार्यकर्ता और अधिक आक्रोशित हो गए और बवाल मचाने लगे। हालांकि विधायक ने शांत कराया।
धरना समाप्ति के बाद विधायक आवास में हुई बैठक
धरना समाप्ति के बाद विधायक ने अपने भारंडीहा स्थित आवासीय कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और लापरवाही कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई। धरना प्रदर्शन के दौरान मौके पर नहीं पहुंचने वाले झामुमो नेताओं व कार्यकर्ताओं से विधायक ने भारी नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा कि इसकी पुनरावृति नहीं होनी चाहिए। कहा कि जनता बिजली संकट से परेशान है, और झामुमो के नेता व कार्यकर्ता में घर में सो रहे हैं यह कतई नहीं होगा। हेमंत सरकार से जनता बेहतर उम्मीदें पाली है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को सजग रहना होगा। चाहे बिजली की समस्या हो या फिर स्वास्थ्य की। हर समस्या पर झामुमो को मुखर रहना है। कहा कि यदि बिजली सेवा इसी तरह नियमित नहीं रहा और डीवीसी ने कोई चालबाजी की तो इसके लिए कार्यकर्ता अभी से ही तैयार रहें और इस बार का जो आंदोलन ऐतिहासिक होगा। मौके पर जिलाध्यक्ष संजय सिंह, महालाल सोरेन, अजीत कुमार पप्पू, पप्पू रजक, इरशाद अहमद वारिस, अभय सिंह, राकेश रंजन, शाहनवाज अंसारी, नाजिर खान आदि लोग मौजूद थे।
अधिकारियों की बढ़ी रही बेचैनी
झामुमो कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखकर डीवीसी के सीनियर डिवीजन मैनेजर सहित अन्य अधिकारियों की बैचेनी बढ़ी रही। मोबाईल पर सुपरीटेंडेंट इंजीनियर और चीफ इंजीनियर भी परेशान लगे। घंटों तक डीवीसी गेट जाम व प्रदर्शन की सूचना पर डीवीसी के तमाम पदाधिकारी फोन कर विधायक को मनाने की कोशिश में जुटे रहे।
डीवीसी दफ्तर के बाहर धरना पर बैठे विधायक व अन्य।
डीवीसी कार्यालय में अधिकारी से उलझते झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और समर्थक।