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- Saria News Preparations Begin For The 3 Day 40th Annual Urs Of Gaush Ali Shah Mysore At Chiruvashiraf
चिरुवाशीरफ में गौश अली शाह मैसूरी के 3 दिवसीय 40वां सालाना उर्स की तैयारी शुरू
सरिया प्रखंड क्षेत्र के चिरुवांशरीफ में सूफी संत हजरत गौश अली शाह का तीन दिवसीय 40वां सालाना उर्स का आगाज 03 अप्रैल को कलामे मजीद की तिलावत से होगी। उस दिन गुसुल स्नान का कार्यक्रम है। जबकि 4 अप्रैल को जलसा तथा 5 अप्रैल को क़व्वाली का कार्यक्रम है। उक्त जानकारी दरगाह कमेटी के सदर, अध्यक्ष इकबाल ने दी। सदर इकबाल ने बताया कि चिरुवां शरीफ में लेटे हुए बाबा गौश अली शाह का जन्म कर्नाटक के मैसूर में हुआ था। यह मुरीद थे जफर अहमदी अंबे दरगाह बिहार शरीफ से। हज़रत गौश अली शाह शहर वर्दी खानदान से थे। इनका खानदान सैयदना शहाबुद्दीन शहर वर्दी बगदाद से चल रहा है। इनका देहांत चिरूवां शरीफ में 1981 में हुआ था। इस बार उनका 40 वर्ष मनाया जा रहा है। इनके मजार में यूं तो सालों भर लोगों का तांता लगा रहता है। परंतु गुरुवार और शुक्रवार को विशेष भीड़ रहती है इसमें हजारों की संख्या में जायरीन यहां पहुंचते हैं। उर्स के मौके पर देश के कई राज्यों से लोग यहां पहुंचते हैं। धर्मशाला या अतिथि गृह नहीं रहने के कारण लोगों को यहां रहने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यह मजार धनबाद गया ग्रैंड कोड रेलवे लाइन पर स्थित चिचाकी स्टेशन पर उत्तर कर पूरब दिशा की ओर लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस रेलवे स्टेशन पर उर्स के मौके पर रेलवे के द्वारा कई गाड़ियों का ठहराव दिया जाता है जिनमें 18626, 18625 हटिया-पूर्णिया एक्सप्रेस 13151, 13152 कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस 13307, 13308, धनबाद- फिरोजपुर, गंगा सतलुज एक्सप्रेस आदि शामिल हैं। इनका ठहराव चिचाकी रेलवे स्टेशन पर 2 महीने के लिए दिया गया है। ये बगोदर से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तिरला मोड़ पहुंचते हैं। वहां से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर की ओर स्थित चिरुवां मजार शरीफ में पहुंचते हैं।
इस उर्स मेले के अवसर पर लखनऊ से हलवा व कचौड़ी बेचने के लिए स्पेशल हलवाई आते हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न शहरों के लोग यहां मेले में विभिन्न प्रकार की मिठाईयां, खिलौने तथा घरेलू उपयोग के सामानों के दुकान यहां लगाते हैं। मेले व कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर कमेटी बनायी गयी है जिसके अध्यक्ष इकबाल, सचिव असलम अंसारी, कोषाध्यक्ष गयासुद्दीन, उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल हमीद, सदस्य जहीरुद्दीन, मखदूम, निजामुद्दीन, तैयब, मौलाना मुख्तार आदि शामिल हैं।
कार्यक्रम को लेकर सजा मस्जिद।