नाली में ढक्कन लगाए बगैर निकल गए संवेदक
गावां प्रखंड स्थित पटना-डोरंडा मुख्य पथ पर पटना बढ़ई टोला के समीप सड़क के दोनों ओर लगभग दस महीने पूर्व बनाई गई नाली में ढक्कन दिये बगैर काम छोड़ कर संवेदक निकल गए हैं। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इससे लोग गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं जबकि नाली में ढक्कन नहीं होने से आये दिन लोग सड़क दुर्घटना का भी शिकार बन रहे हैं। सड़क के दोनों ओर बनाई गई नाली में कुछ ही स्थानों पर ढक्कन दिया गया है और अधिकांश जगहों में आधा-अधूरा नाली बना कर छोड़ दिया गया है। कुछ जगहों पर नाली पानी निकासी के लिए कोई वैकल्पिक जगह का भी चयन नहीं किया गया है। अधिकांश जगहों में नाली का बहता पानी का रूख सीधे सड़क पर लाकर छोड़ दिया गया है। जिससे सड़क पर भी पानी का जमावड़ा हमेशा लगा हुआ रहता है। बता दें कि दस महीने पूर्व पटना-डोरंडा मुख्य सड़क पर कार्य पूर्ण होने के पश्चात विभाग द्वारा सड़क पर बरसात पानी निकासी के लिए सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण का कार्य कराया गया है। इसमें कुछ ही स्थानों पर संवेदक द्वारा नाली को ढक्कन से ढका गया है। जबकि एस्टीमेट में पूर्ण रूप से सभी नाली को ढक्कन से ढकना अनिवार्य है।
क्या कहते हैं लोग
संवेदक द्वारा बगैर नाली में ढक्कन दिये काम छोड़ कर फरार हो जाना एक गंभीर समस्या है। क्योंकि रात भर वाहनों का आवागमन जारी रहता है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान आकर्षित करने की जरूरत है।’’
रणवीर कुमार, शिक्षक पटना, गावां।
संवेदक द्वारा आधा-अधूरा कार्य को छोड़कर निकल जाना लोगों में आक्रोश है। अधिकांश जगहों पर बनाई गई नाली में आगे तक पानी निकासी का भी कोई रास्ता नहीं है। जिससे पानी सड़क पर बहता है। ’’
अमरदीप निराला, भाजपा नेता
नाली निर्माण के बाद ढक्कन नहीं डालने से मच्छर की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। अधिकांश लोग बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। कई दुर्घटनाएं होती रहती हैं जबकि एस्टीमेट में नाली को पूरी तरह से ढकना है।’’
विजय कुमार सिंह, ग्रामीण पटना।
नाली निर्माण के बाद ढक्कन नहीं डालने से लोग परेशान हैं। हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कभी-कभार स्कूली बच्चे भी नाली में गिर कर घायल हो जाते हैं। संवेदक आधा-अधूरा काम को छोड़ कर चले गए हैं।’’
रवीन्द्र प्रसाद वर्मा, ग्रामीण पटना।
सड़क पर बहता गंदा पानी व बिना ढक्कन बनाया गया नाली।